ट्रेन में सफर करने वालों के लिए बड़े काम की खबर है। दरअसल, रेलवे ने टिकट को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है, जिससे समय और पैसा दोनों बचेगा।
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अंबाला रेलवे मंडल ने दिव्यांगों के विशिष्ट ई-टिकट रियायती पहचान पत्र के नियम में बदलाव किया है। अब ट्राइसिटी सहित अंबाला मंडल के अधीन आने वाले शहरों और गांवों में रहने वाले दिव्यांगों को मंडल कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। दिव्यांग अपने निकटतम रेलवे स्टेशन से भी पहचान पत्र ले सकते हैं। इसे जारी करने की अवधि दो माह थी, जिसे अब घटाकर 20 दिन किया गया है। ऐसे में दिव्यांगों का समय व पैसा बचेगा और परेशानी भी नहीं होगी।
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- फोटो : डेमो
ऐसे होगी प्रक्रिया
आदेश में कहा गया है कि रेलवे स्टेशन के एसएस और चीफ बुकिंग सुपरवाइजर कार्यालय में फोटो पहचान पत्र जारी करने के लिए अनुरोध पत्र स्वीकार किए जाएंगे। इस आवेदन को चीफ बुकिंग कार्यालय से सत्यापन के लिए अंबाला मंडल कार्यालय में भेजा जाएगा। इसके बाद सीनियर डीसीएम के हस्ताक्षर वाले ई-टिकट रियायती पहचान पत्र चीफ बुकिंग सुपरवाइजर कार्यालय में भेजा जाएगा, जहां से दिव्यांग इसे 20 दिन में कलेक्ट कर सकते हैं।
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दिव्यांगों को किस श्रेणी में कितनी मिलेगी रियायत
शारीरिक, मानसिक व पूर्ण रूप से नेत्रहीन दिव्यांगों को स्लीपर श्रेणी, प्रथम श्रेणी, तृतीय वातानुकूलित श्रेणी, वातानुकूलित कुर्सी यान में 75 फीसदी की रियायत मिलेगी। प्रथम और द्वितीय वातानुकूलित में 50 फीसदी रियायत मिलेगी। राजधानी, शताब्दी एक्सप्रेस की तृतीय वातानुकूलित श्रेणी और वातानुकूलित कुर्सी यान में 25 फीसदी रियायत मिलेगी। दिव्यांग के साथ सफर करने वाले एक सहयोगी को भी उसके टिकट पर उतनी ही रियायत दी जाएगी।
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- फोटो : डेमो
एसी थर्ड क्लास में लोवर बर्थ
पहले दिव्यांगों के लिए मेल एक्सप्रेस ट्रेनों में एसी क्लास कोचों में लोअर बर्थ आरक्षित होती थी। इसके पहले जनरल और स्लीपर क्लास में दिव्यांगों के लिए सीटें सुरक्षित रखी जाती थीं। वहीं अब एसी थर्ड क्लास में दिव्यांगों को लोअर बर्थ मुहैया कराने के लिए सॉफ्टवेयर में बदलाव किया गया है।
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ऐसे बुक कराएं ऑनलाइन टिकट
अगर आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर आईडी है तो लॉगइन करें। नहीं है तो पहले आईडी बनाएं। कहां से कहां जाना है, उन स्टेशनों का चयन करें। यात्रा की तारीख का चयन करने के बाद टिकट टाइप के नीचे दिए गए ‘आई विल बुक हैंडीकैप कंसेशन’ बॉक्स में क्लिक करें। ट्रेन का चयन करके बुक आइकन पर क्लिक करते ही पैसेंजर डिटेल भरने का विकल्प दिखेगा। इसमें सामान्य जानकारी के साथ ही रियायत का प्रकार (दिव्यांग, एस्कॉर्ट (सहयोगी), जनरल), हैंडीकैप कार्ड नंबर, जन्मतिथि, कार्ड की वैधता, आईडी कार्ड का प्रकार और कार्ड नंबर दर्ज करें। साथ जा रहे यात्री का विवरण और आईडी कार्ड टाइप व नंबर दर्ज कर टिकट बुक करने की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। साथ ही सिलेक्ट कोटा के तहत दिए गए विकल्प फिजिकली हैंडीकैप का चयन करके विकलांग कोटे के तहत आरक्षण कराया जा सकता है।
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रेलवे रियायत आई कार्ड के लिए पात्रता
- दिव्यांग को भारत की नागरिकता प्राप्त होनी चाहिए।
- आवेदक व्यक्ति शारीरिक रूप से कम से कम 40 प्रतिशत तक दिव्यांग होना चाहिए और उसके पास इस बात का प्रमाणपत्र होना चाहिए।
- योजना का लाभ लेने के लिए कोई आयु सीमा निर्धारित नहीं हैं।
दिव्यांगों को ई-टिकट रियायती पहचान पत्र के लिए अंबाला मंडल कार्यालय में आने की जरूरत नहीं है। यह सुविधा अब उनके शहर के रेलवे स्टेशन पर भी उपलब्ध होगी। वहीं पहचान पत्र की समय सीमा दो माह से घटाकर बीस दिन कर दी गई है। - हरी मोहन, सीनियर डीसीएम रेलवे अंबाला मंडल