अगर आप भी हर रोज शताब्दी में सफर करते हैं तो ये खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। पढ़ लीजिए, फायदा होगा और एक परेशानी से भी निजात मिल जाएगी।
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शताब्दी एक्सप्रेस
सप्ताह में तीन दिन चंडीगढ़-नई दिल्ली और कालका नई दिल्ली शताब्दी में जाने वाले यात्रियों की वेटिंग लिस्ट ज्यादा होती है। ऐसे में ट्राइसिटी की वीवीआईपी ट्रेन शताब्दी से सफर करने वाले व्यापारी और अधिकारी वर्ग को खासा दिक्कतों को सामना करना पड़ता है। राहत देने के लिए रेलवे के पास अच्छा विकल्प है, जेनरेटर कार हटाकर हेड ऑन जेनरेशन (एचओजी) के माध्यम से बिजली को कन्वर्ट कर शताब्दी के कोचों में सप्लाई दी जाए।
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शताब्दी एक्सप्रेस
- फोटो : फाइल फोटो
ऐसा करने से चंडीगढ़-नई दिल्ली रूट पर चलने वाली एक शताब्दी से दो जेनरेटर कार हटेंगे। उस जगह पर दो अतिरिक्त चेयर कार को शताब्दी के साथ जुड़ सकते हैं। यानि एक शताब्दी में दो चेयरकार कोचों में वेटिंग लिस्ट वाले 156 यात्री आराम से बैठ सकते हैं। जबकि कालका और चंडीगढ़ से नई दिल्ली के लिए तीन शताब्दी चलती हैं, यानी रोजाना चंडीगढ़ से दिल्ली जाने वाले वेटिंग लिस्ट वाले 468 यात्रियों को राहत मिलेगी।
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shatabdi express
- फोटो : सोशल मीडिया
रेलवे के अधिकारिक सूत्रों की मानें तो एचओजी के जो पावर कन्वर्ट लगाए जा रहे हैं वो कारगर नहीं हैं। इसलिए यह प्रोजेक्ट समय से पूरा नहीं हो पा रहा है। जबकि अम्बाला मंडल के स्थानीय अधिकारियों की माने तो इस प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। इसे तत्काल लागू नहीं किया जा सकता। क्योंकि इस काम के लिए स्पेशल कोच और स्पेशल लोको लगानी पड़ेगी तभी एचओजी से बिजली लेकर कन्वर्ट करके शताब्दी की कोचों में बिजली की सप्लाई कुलिंग के लिए दी जा सकेगी।
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shatabdi express
- फोटो : सोशल मीडिया
यात्रियों के साथ रेलवे को भी फायदा
अभी एक जेनरेटर कार चलाने में एक घंटे में करीब 50 लीटर डीजल की खपत होती है। यानि एक शताब्दी के साथ दो चेयरकार चंडीगढ़ से दिल्ली तक ले जाने में करीब 500 लीटर डीजल की खपत है। ऐसे में रेलवे चंडीगढ़ से दिल्ली तक एक शताब्दी में जेनरेटर कार ले जाने में करीब तीस हजार रुपये का डीजल खर्च करता है।
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भारतीय रेलवे
- फोटो : SELF
शताब्दी से जेनरेटर कार हटाने के बाद एक तो रेलवे को दोनों शताब्दी में करीब साठ हजार रुपये की डीजल की बचत होगी और जेनरेटर कार की जगह पर एक शताब्दी में दो चेयर कार जुड़ने पर इन कोचों में 156 अतिरिक्त यात्री बैठेंगे। एक चेयर कार का चंडीगढ़ से दिल्ली तक किराया 700 रुपये है। यानि 1,07,100 रुपये के टिकटों की बिक्री होगी। वहीं तीनों शताब्दी गाड़ियों के टिकट बेचकर कुल 3,27,600 रुपये की आमदन होगी।
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Indian Railway
फ्लाइट का विकल्प शताब्दी
12 से 26 फरवरी तक चंडीगढ़ एयरपोर्ट पैरलल रनवे के निर्माण के लिए बंद रहेगा। इसी के मद्देनजर एक याचिका पर सुनवाई क रते हुए हाईकोर्ट ने रेलवे को अतिरिक्त शताब्दी चलाने की संभावना तलाशने के आदेश दिए हैं। ऐसे में चंडीगढ़ से दिल्ली तक जल्दी पहुंचने का मात्र एक ही विकल्प शताब्दी है। रेलवे के अधिकारिक सूत्रों की माने तो यदि शताब्दी से जेनरेटर कार हटा दिए जाए तो काफी हद तक लोगों को सहूलियत मिलेगी।
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indian railway
क्या कहते हैं डीआरएम
चंडीगढ़ एयरपोर्ट 12 से 24 फरवरी तक चंडीगढ़ एयरपोर्ट के बंद रहेगा। इस संदर्भ में चंडीगढ़ से नई दिल्ली के लिए अतिरिक्त शताब्दी चलाने या फिर दो जेनरेटर कार हटाकर एचओजी से शताब्दी कोचों में बिजली कन्वर्ट करने के लिए सप्लाई देते हुए दो अतिरिक्त कोच लगाने की बात की गई तो अम्बाला के डीआरएम डीसी शर्मा ने कहा कि अतिरिक्त शताब्दी चलाने के लिए संभावना तलाशी जाएगी।
वहीं जेनरेटर कार हटाकर दो अतिरिक्त कोच लगाने के प्रोजेक्ट पर अभी काम चल रहा है। इसमें अभी समय लगेगा। क्योंकि एचओजी से बिजली कन्वर्ट करने के लिए स्पेशल कोच और लोको चाहिए। इतने कम समय में यह संभव नहीं है। फिर भी इस पर विषय पर विचार किया जाएगा।