अगर सरकार अर्जुन अवार्डी भारतीय कप्तान को डीएसपी का ऑनरेरी पद देती है तो इस शख्स को देने पर भी विचार किया जा सकता है। जानिए आखिर मामला क्या है...
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हरमनप्रीत कौर
महिला क्रिकेट टीम की स्टार खिलाड़ी हरमनप्रीत कौर को पंजाब पुलिस में डीएसपी पद से हटा दिए जाने की अटकलों के बीच दो नई बातें सामने आई हैं। एक तो ये कि राज्य सरकार हरमनप्रीत को ऑनरेरी डीएसपी बनाए रखने पर विचार कर रही है। इस संबंध में सरकार कानूनी राय लेने के बाद अंतिम फैसला लेगी। हालांकि पुलिस विभाग और राज्य सरकार की ओर से इस संबंध में कुछ भी साफ नहीं किया गया।
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हरमनप्रीत कौर
इस बीच, दूसरी बात सामने आई है कि अगर हरमनप्रीत का डीएसपी पद किसी भी कानून के चलते बच जाता है तो एथलीट मनदीप कौर भी डीएसपी लगाने की फिर से मांग करेंगी। माना जा रहा है कि विपक्षी दल आम आदमी पार्टी के विधायकों द्वारा उठाए गए मुद्दे के बाद बुधवार को कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुनील जाखड़ ने भी कैप्टन अमरिंदर सिंह से मिले और हरमनप्रीत को डीएसपी पद पर बनाए रखने के लिए नियमों में फेरबदल का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने गृह विभाग को इस मामले में कानूनी राय लेने को कहा है।
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हरमनप्रीत कौर
दरअसल, हरमनप्रीत को ऑनरेरी पद दिए जाने के पीछे यह तर्क दिया जा रहा है कि देश में ऐसे कई मामले हैं, जिनमें खिलाड़ियों को ऑनरेरी ओहदा दिया गया है। इनमें सचिन तेंदुलकर भी शामिल हैं, जिन्हें सेना ने ऑनरेरी रूप से कैप्टन का ओहदा दिया हुआ है। इसके लिए तेंदुलकर को कोई वेतन-भत्ता नहीं दिया जाता। ऐसे में, अगर हरमनप्रीत को भी डीएसपी का ऑनरेरी पद दिया जाता है तो उन्हें भी सरकार को कोई वेतन-भत्ता नहीं देना पड़ेगा।
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हरमनप्रीत कौर
भट्ठल के लिए कानून में बदलाव तो खिलाड़ी के लिए क्यों नहीं
अकाली दल के सीनियर नेता डॉ. दलजीत सिंह चीमा, आम आदमी पार्टी के सुखपाल सिंह खैरा द्वारा मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से कहा है कि इस खिलाड़ी को खेलों के आधार डीएसपी पद दिया गया था, न कि उसकी शैक्षिक योग्यता के आधार पर। विपक्षी नेताओं का कहना है कि अगर पूर्व मुख्यमंत्री राजिंदर कौर भट्ठल को सरकारी बंगला दिए रखने के लिए कानून बदल सकती है तो किसी खिलाड़ी के लिए क्यों नहीं?
हरमन रेलवे की नौकरी का दे रहीं तर्क
उधर, हरमनप्रीत कौर अपनी डिग्री को यह कहते हुए सही ठहरा रही हैं कि अगर उनकी डिग्री जाली थी तो रेलवे में नौकरी कैसे मिल गई। उल्लेखनीय है कि हरमनप्रीत के डीएसपी पद पर उस समय तलवार लटक गई, जब पंजाब पुलिस द्वारा उनकी बीए की डिग्री को फर्जी पाया गया। मेरठ के जिस विश्वविद्यालय से हरमनप्रीत ने बीए करने का दावा किया था, वहां पर डिग्री का रिकार्ड नहीं होने की बात कही गई है। पंजाब पुलिस ने मामले को लेकर गृह विभाग को पत्र लिखा, जिसे गृह विभाग ने मुख्यमंत्री के पास भेज दिया था। मुख्यमंत्री ने भी मामले में कानून सम्मत कार्रवाई करने के निर्देश देते हुए गृह विभाग को जिम्मा सौंप दिया है।