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पुलवामा आतंकी हमले के बाद पाकिस्तानी खिलाड़ियों के बैन पर पीटी उषा का दो टूक जवाब, बोलीं...

Wed, 06 Mar 2019 11:05 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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पीटी उषा
पुलवामा आतंकी हमले के बाद देश में पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर बैन लगाए जाने के सवाल का उड़नपरी पीटी उषा ने दो टूक जवाब दिया। पढ़ें पूरा इंटरव्यू और जानिए आखिर वे क्या बोलीं।
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पीटी उषा
पीटी उषा चंडीगढ़ प्रेस क्लब में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में बोली रही थीं। वे पंचकूला के ताऊ देवीलाल स्टेडियम में होने वाले इंडियन ग्रेंड प्रिक्स-4 में अपनी एथलीट को लेकर पहुंची हैं। इस एक दिवसीय इंडियन ग्रेंड प्रिक्स में देशभर के टॉप एथलीट भाग लेंगे। इनमें 36 महिला और 67 पुरुष एथलीट शामिल हैं। इसमें पीटी उषा की अकादमी से चार महिला एथलीट भाग ले रही हैं। इसी के बारे में पीटी उषा ने प्रेस कांफ्रेंस में जानकारी थी। इस दौरान पत्रकारों ने उनसे कई सवाल किए।

 
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पीटी उषा
जैसे एक पत्रकार ने उनसे पुलवामा आतंकी हमले के बाद देश में पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर बैन लगाए जाने को लेकर सवाल पूछा, तो उड़नपरी ने दो टूक जवाब देते हुए पल्ला झाड़ लिया। उन्होंने कहा कि वे केवल एथलीटों और इंडियन ग्रेंड प्रिक्स या खेल के बारे में ही बात करेंगी। आतंकी हमला और पाकिस्तानी खिलाड़ियों के बारे में कोई सवाल नहीं, ये राजनीति का मामला है। सरकार फैसला करेगी, क्या करना है, क्या नहीं। उड़नपरी ने काफी सधे हुए शब्दों में सवालों के जवाब दिए।

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पीटी उषा
पीटी उषा ने कहा कि अब युवाओं को तैयार करना मुश्किल है। इससे तो अच्छा तब था जब मैं दौड़ती थी। कोचिंग देना सबसे कठिन कार्य है। कोचिंग में खिलाड़ियों के हर विभाग में काम करना पड़ता है। रिजल्ट भी कोच को ही देना होता है। जरूरी यह है कि एथलीट भी जबरदस्त मेहनत करे। वह खुद पर कितना वर्क करता है इसी बात पर निर्भर करता है कि वह कितना सफल होगा। जब वह एथलीट के दौर में थीं तो उनका ध्यान हमेशा रेस और जीतने पर रहता था। उनकी कोच की भूमिका काफी कठिन है।
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पीटी उषा
पीटी उषा ने कहा कि भारत के युवा एथलीट बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन उनको एक्सपोजर देना एसोसिएशन और फेडरेशन का काम है। किसी भी एथलीट को ग्रास रूट पर तैयार करना काफी जरूरी है। अब अच्छी बात है कि भारत में अंडर-16, अंडर-18 और जूनियर स्तर पर काफी अच्छे एथलीट हैं। सरकार की ओर से शुरू की गई 'खेलो इंडिया' के बारे में पीटी ऊषा ने कहा कि यह युवा खिलाड़ियों के लिए बेहतरीन प्लेटफार्म है। फिलहाल इसकी शुरुआत हुई है। रिजल्ट का इंतजार करना होगा। खेल मंत्रालय की ओर से बेहतरीन कार्य किया जा रहा है।
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पीटी उषा
पीटी उषा ने बताया कि अब खिलाड़ियों को ज्यादा प्रैक्टिस मैच और एथलेटिक चैंपियनशिप में भाग लेने का मौका मिल रहा है। एक एथलीट जितना अधिक चैंपियनशिप में खेलेगा, उसके खेल में उतना निखार आएगा। उन्होंने अपने समय की बात करते हुए कहा कि ओलंपिक होनी थी और उसकी तैयारी के लिए मुझे सिर्फ एक चैंपियनशिप खेलना का मौका मिला था। अब पहले से अधिक चैंपियनशिप हो रही हैं। इसके कारण युवा एथलीट उभरकर सामने आ रहे हैं। इंडिया में शॉटपुट तथा जेवलिन थ्रो एवं दौड़ में एथलीट बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं।
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पीटी उषा
हार के बाद हुई आलोचना से मन हुआ था दुखी
पीटी उषा ने बताया कि 1984 के ओलंपिक में मिली हार के बाद जिस प्रकार उनकी आलोचना हुई थी, उसके बाद उन्होंने खेल छोड़ने का मन बनाया था। किस तरह से एक हार पर हजार जीत भारी पड़ जाती हैं, इसका अंदाजा मुझे उस समय हुआ था। उस घटना ने मुझे बहुत तोड़ दिया था, लेकिन अभिभावकों ने हमेशा से ही सपोर्ट किया और अभी भी करते हैं।  ओलंपिक में मेडल जीतने का सपना हर खिलाड़ी का होता है, वैसे ही मेरा भी था, पर टूट गया। फाइनल रेस के आखिरी पलों में इंजरी हो गई थी, जिसकी वजह से मेडल जीतने से चूक गईं।
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