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अब डीआरडीओ के विशेष उपकरणों से ढूंढें जाएंगे बर्फ में दबे सेना के जवान, जानिए कैसे करेंगे काम

Wed, 06 Mar 2019 11:05 AM IST
खुशबू गोयल मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
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किन्नौर में हिमस्खलन
हिमस्खलन के कारण बर्फ में दबे सेना के जवानों को तलाशने के लिए अब डीआरडीओ के विशेष उपकरणों का इस्तेमाल किया जाएगा, जिन्हें मौके पर भेज दिया गया है। जानिए ये उपकरण कैसे काम करेंगे।
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किन्नौर में हिमस्खलन
हिमाचल प्रदेश के किन्नौर स्थित सिनो-इंडिया बॉर्डर पर बर्फ में दबे जवानों के शवों को ढूंढने का सिलसिला विपरीत मौसम के बावजूद भी थमेगा नहीं। जब तक जवान नहीं मिलेंगे, तब तक वेस्टर्न कमांड की निगरानी में 500 जवानों व विशेषज्ञों की टीम तलाश जारी रखेगी। इसके लिए अब डीआरडीओ के विशेषज्ञों की टीम भी विशेष उपकरणों के साथ मौके पर भेज दी गई है।
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किन्नौर में हिमस्खलन
दरअसल, जवानों की तलाश में जो बड़ी दिक्कत आ रही है, वह है खराब मौसम। इस इलाके में बर्फीली परिस्थितियां, तेज रफ्तार से चल रही हवाएं, बर्फबारी और खराब दृश्यता इस सर्च ऑपरेशन में रोड़ा बन रही हैं, लेकिन वेस्टर्न कमांड ने साफ कर दिया है कि इन विपरीत परिस्थितियों के बावजूद बर्फ तले दबे जवानों को ढूंढने का अभियान जारी रहेगा।

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किन्नौर में हिमस्खलन
पिछले महीने बीस फरवरी को इस बॉर्डर एरिया में उस वक्त हिमस्खलन हुआ था, जब जवानों की टीम यहां बर्फीले इलाके में पानी की पाइपलाइन को ठीक कर रही थी। अभी तक 3 जवानों के शव मिल चुके हैं। इस सर्च ऑपरेशन में सेना, बीआरओ, आईटीबीपी, हिमपात और हिमस्खलन अध्ययन प्रतिष्ठान (एसएएसई)  के अलावा अब डीआरडीओ की टीम को भी लगाया गया है।
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किन्नौर में हिमस्खलन
बॉडी की गंध को पकड़ेंगे सेंसर
डीआरडीओ के विशेषज्ञों की टीम विशेष उपकरणों के जरिए बर्फ में दबे जवानों के शरीर से पैदा हो रही गंध को सेंस करेगी। विशेषज्ञों के अनुसार ये ऐसे उपकरण हैं, जो दोनों सूरतों में (व्यक्ति जिंदा है या मृत है) बर्फ के नीचे दबे व्यक्ति के शरीर की गंध से पकड़ सकेंगे। यदि व्यक्ति काफी नीचे दबा है, तब भी ये उपकरण उसकी तलाश में कारगर साबित होंगे। बता दें कि गत 20 फरवरी को हुए हिमस्खलन में सेना के छह जवान लापता हो गए थे। इनमें से तीन के शव मिल चुके हैं, वहीं तीन अन्य जवानों की तलाश जारी है।
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किन्नौर में हिमस्खलन
हेडक्वार्टर वेस्टर्न कमांड द्वारा सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन पर कड़ी नजर रखी जा रही है। एक बड़ी टीम मौके पर सर्च ऑपरेशन में जुटी हुई है। लापता सेना के जवानों  की तलाश के लिए हर संभव प्रयास जारी हैं।
- लेफ्टिनेंट जनरल पीएम बाली, चीफ ऑफ स्टाफ, वेस्टर्न कमांड
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