फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भारतीय सेना के कैंपों और यूनिटों में अब घुसकर दिखाएं दुश्मन, नेस्तनाबूत कर दिए जाएंगे

Mon, 31 Jul 2017 09:17 AM IST
मोहित धुपड़/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
1 of 7
Indian army - फोटो : File Photo
भारतीय सेना के कैंपों और यूनिटों में अब घुसपैठ करके दिखाएं दुश्मन, नेस्तनाबूत कर दिए जाएंगे। इस दिशा में सेना की ओर से बड़ा कदम उठाया गया है, आप भी जानिए। 
विज्ञापन

2 of 7
Indian army - फोटो : File Photo
दरअसल, अब भारतीय सेना के अंतर्गत सैन्य यूनिटों की सुरक्षा और ज्यादा चाक चौबंद होगी। इन यूनिटों को अब किलेबंद सरीखे तैयार किया जाएगा, ताकि इनमें घुसपैठ की संभावनाएं न के बराबर रहें। इसके लिए सेना ने खास प्लानिंग तैयार की है। सेना की यूनिटों को अब धीरे-धीरे ‘की-लोकेशन प्लान’ के अंतर्गत तबदील कर दिया जाएगा। 
 
विज्ञापन

3 of 7
भारतीय सेना - फोटो : डेमो फोटो
काबिलेगौर है कि उत्तर भारत में सेना की सबसे अहम वेस्टर्न कमांड चंडीमंदिर मौजूद है। इसके अंतर्गत उत्तर भारत का सबसे बड़ा आर्मी बेस कैंप भी अंबाला छावनी में स्थित है, जहां स्ट्राइक कोर समेत पंजाब, हरियाणा, हिमाचल व पंजाब सब एरिया हेडक्वार्टर स्थापित है। इन छावनी क्षेत्रों में सेना की काफी संवेदनशील और अतिसंवेदनशील यूनिटें, बम भंडारण गृह, तोपखाने आदि भी मौजूद हैं।

4 of 7
indian army - फोटो : indian army
सैन्य क्षेत्रों को यदि देखा जाए तो काफी यूनिटें ऐसी हैं, जो घुसपैठ के लिहाज से पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं। सेना की ये यूनिटें कई एकड़ में तो फैली हुई हैं, लेकिन इन यूनिटों को फिलहाल बड़े सीमेंट पोल व लोहे की छड़ों पर कंटीली तारें बांधकर उन्हें कवर किया गया है। आलम यह है कि कई जगह से तो यह कंटीली तारें जर्जर भी हो चुकी है। दूसरा, इन कंटीली तारों को काटकर इन यूनिटों में घुसपैठ करना भी मुश्किल नहीं है। 
विज्ञापन

5 of 7
Indian Army
ऐसे मामले अंबाला में सामने भी आ चुके हैं, जिसके अंतर्गत संदिग्धों को भी पकड़ा गया है। अब तो इन यूनिटों में घुसपैठिए को शूट एट साइड के भी आदेश हो गए हैं। इसके अलावा भी अब सेना के ‘की लोकेशन प्लान’ के तहत यूनिटों को तैयार किया जाएगा। यूनिटों के कवर एरिया के चारों और करीबन दस से बारह फीट की चहारदीवारें बनाई जाएंगी और उसके ऊपर गोलदार कंटीली तारों का जाल बिछाया जाएगा। 
विज्ञापन

6 of 7
भारतीय सेना - फोटो : SELF
अभी मौजूदा यूनिटों के सभी दफ्तर व सैन्य मैस और बैरकें भी अलग-अलग लोकेशन में बनी हुई है, लेकिन अब ‘की लोकेशन प्लान’ में सैन्य यूनिटों से संबंधित सभी कार्यालय, जवानों व अफसरों की मैस (भोजनगृह), जवानों की बैरकें, हथियार गृह, क्वार्टर गार्ड कार्यालय, क्लीनिक, स्पोर्ट्स व कैंपस आदि सभी चहारदीवारी के अंतर्गत होंगी। इन यूनिटों में तिरंगा लहराने के लिए भी अलग प्लेटफार्म तैयार किया जाएगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
Indian army - फोटो : PTI
यूनिटों को बागवानी से हराभरा बनाया जाएगा, जबकि सभी कार्यालय, मैस व बैरकें भी एडवांस ढंग से तैयार की जाएंगी। सेना के एक आला अफसर ने बताया कि की-लोकेशन प्लानिंग केतहत तैयार यूनिटों में घुसपैठ बमुश्किल होगी, जबकि इन यूनिटों की एंट्री और एग्जिट प्वाइंट भी सिर्फएक ही होगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें