जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तानी घुसपैठियों से लड़ते हुए जवान शहीद हो गया। उसकी 2 महीने पहले ही शादी हुई थी। पत्नी का रो-रो कर बुरा हाल है, तस्वीरें
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शहीद कुलवंत सिंह का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा
- फोटो : अमर उजाला
पंजाब के फाजिल्का मलोट मार्ग पर नगर के बाहर स्थित ढाणी खरास वाली वासी सैनिक कुलवंत सिंह जम्मू-कश्मीर में ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए थे। शनिवार को उनका पैतृक शरीर गांव पहुंचा। सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। कुलवंत सिंह की दो फरवरी को ही शादी हुई थी।
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शहीद कुलवंत सिंह का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा
शनिवार सुबह लगभग नौ बजे तिरंगे में लिपटे शहीद कुलवंत सिंह के शव को लेकर सैन्य अधिकारी और जवान ढाणी पहुंचे। अंतिम संस्कार से पहले सैन्य अधिकारियों, फिरोजपुर के सांसद शेर सिंह घुबाया ने शहीद को श्रद्धांजलि दी।
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शहीद कुलवंत सिंह का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा
इस अवसर पर फाजिल्का के विधायक दविंदर घुबाया, फाजिल्का केे अतिरिक्त जिलाधीश जनरल जरनैल सिंह समेत बड़ी संख्या में सैन्य अधिकारी, जवान, पुलिस अधिकारी और ग्रामीण उपस्थित थे।
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शहीद कुलवंत सिंह का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा
जवानों ने शस्त्र उलटे कर सलामी दी और गुरुद्वारा साहिब के ग्रंथी ने अंतिम अरदास करवाई। इसके बाद शहीद के भाई मलकीत सिंह और अन्य रिश्तेदारों ने चिता को मुखाग्नि दी। सैन्य अधिकारियों ने शहीद के पिता को तिरंगा भेंट किया और उन्हें कहा कि सेना हमेशा ही शहीद के परिवार के साथ खड़ी रहेगी। परिवार को बनती आर्थिक सहायता दी जाएगी।
26 साल के कुलवंत सिंह का विवाह 2 फरवरी को गांव जोड़की अंधेवाली वासी दलजिंदर कौर के साथ हुआ था। वह चार मार्च को ही ड्यूटी पर जम्मू कश्मीर लौटा था। कुलवंत के पिता गुरदीप सिंह और भाई मलकीत सिंह मेहनत मजदूरी करते हैं। कुलवंत 2009 में सेना में भर्ती हुआ था।