जम्मू कश्मीर में आतंकवाद और घुसपैठ के बीच भारतीय सेना एक ऐसा अभियान शुरू करने जा रही है, जो दुश्मनों की 'नियत' पर एक करारी चोट होगा। जानिए क्या करने जा रही है आर्मी...
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घाटी में आतंकवाद व घुसपैठियों के खिलाफ सेना के एक्शन से बौखलाए अलगाववादियों और देश विरोधी ताकतों की ओर से सेना के खिलाफ जबरदस्त दुष्प्रचार का दौर चल रहा है। ये लोग घाटी में सैन्य कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों में सेना के खिलाफ माहौल बनाने में जुटे हुए हैं। मगर अब सेना ने भी ऐसे दुष्प्रचार से निपटने के लिए एक खास ‘सोशल रणनीति’ तैयार की है।
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भारतीय सेना
इसके तहत सेना अब घाटी में स्थानीय लोगों से अपने दिल का रिश्ता और गहरा करेगी। लोगों को यह अहसास करवाया जा रहा है कि सेना सिर्फ उनकी प्रहरी ही नहीं है, बल्कि आवाम के साथ हमेशा एक हमसफर की तरह खड़ी है। सोशल रणनीति के तहत सेना के जवान और अफसर स्थानीय बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों से सामाजिक रिश्ता बनाने में जुट गए हैं और उसे निभाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता भी दिखा रहे हैं।
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अपनी इस मुहिम को सेना सोशल मीडिया पर भी प्रचारित करेगी। इस रणनीति के तहत सेना जहां बच्चों और किशोरों के लिए नृत्य, गायन इत्यादि कार्यशालाएं आयोजित कर रही है। इस तरह की कार्यशालाएं विगत दिनों जिरान क्षेत्र में आयोजित की गई, जहां सेना को स्थानीय लोगों को बहुत बढ़िया रुझान मिला। इसी तरह युवाओं के लिए विभिन्न खेल मुकाबलों का आयोजन करवाया जा रहा है। लोगों, खासकर बुजुर्गों के लिए मेडिकल कैंप, युवाओं के लिए एजुकेशनल और अवेयरनेस कैंप आयोजित करने की योजना है।
बच्चियों, किशोरियों व युवतियों के लिए भी टैलेंट वर्कशॉप आयोजित किए जाएंगे। ताकि इन बच्चों की प्रतिभा को निखारने में मदद मिले। इसके अलावा ‘कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम’ के तहत घाटी के स्कूली व कालेज छात्र-छात्राओं को देशभर की विभिन्न सैन्य छावनियों व प्रमुख शहरों का दौरा करवाकर उनका देश और देशवासियों के प्रति लगाव बढ़ाने का काम भी चल रहा है। इस दौरे पर छात्रों को सेना के आला अफसरों से मिलवाया जा रहा है। एक आला सैन्य अफसर के अनुसार घाटी हो या पूरा देश इंडियन आर्मी हमेशा आवाम के साथ है। देश की सरहदों की रक्षा के साथ-साथ सामाजिक कार्यों में भी हमेशा अग्रसर रही है।