भारतीय सेना ने अब संदिग्ध लोगों की सूची बनानी शुरू कर दी है। इसके लिए व्हाट्सएप ग्रुपों पर विशेष सैन्य टीम नजर रख रही है।
Trending Videos
विज्ञापन
2 of 5
indian army
दरअसल, घाटी में आतंकियों के मददगार अब सेना के गुनहगार होंगे। सेना ऐसे लोगों की सूची तैयार कर रही है जो सैन्य कार्रवाई में खलल पैदा कर घाटी से आतंकियों को मुठभेड़ के दौरान भगाने में मदद करते हैं। ऐसे लोगों से सेना स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों की मदद से सख्ती से निपटेगी। सेना की नजर ऐसे व्हाट्सएप ग्रुपों पर भी हैं, जिसका इस्तेमाल मुठभेड़ के दौरान तुरंत स्थानीय लोगों की भीड़ इकट्ठा करने के लिए किया जाता है।
विज्ञापन
3 of 5
indian army
सैन्य सूत्रों के अनुसार इस तरह के दो सौ से अधिक व्हाट्सएप ग्रुप घाटी के विभिन्न इलाकों में सक्रिय हैं और अब सेना की विशेष टीम के राडार पर हैं। उधर, घाटी में आतंकियों के मददगारों की सूची तैयार होने के बाद उन पर भी शिकंजा कसा जाएगा। हाल ही में सेना के हाथ घाटी के एक इलाके में मुठभेड़ के दौरान स्थानीय लोगों द्वारा आतंकी को भगाने का वीडियो हाथ लगा है।
4 of 5
INDIAN ARMY
इस वीडियो में मुठभेड़ के दौरान करीब पांच लोग एक आतंकी को रिहायशी इलाके की एक गली से भगाने का प्रयास कर रहे हैं। आतंकी के हाथ में बंदूक है और कुछेक लोग उसे लेकर उस गली से भगाकर इलाके से बाहर ले जाने का प्रयास कर रहे हैं। ये लोग इस आतंकी को इस मुठभेड़ से बचाकर सेफ जगह पहुंचाने में उसकी मदद कर रहे हैं। सेना के अपने स्थानीय सूत्रों से इस वीडियो को हासिल कर लिया है और अब इस आतंकी और उन मददगारों की पहचान करने में जुटी हुई है।
नापाक प्लानिंग से भगाए जाते हैं आतंकी
घाटी में स्थानीय लोगों द्वारा आतंकियों को भगाने में पूरी प्लानिंग के साथ काम किया जाता है। सेना के एक अफसर ने बताया कि व्हाट्स एप ग्रुप के जरिए मुठभेड़ वाले इलाके में तुरंत भीड़ इकट्ठा हो जाती है और उनमें से कुछ नकाबपोश पत्थरबाजी से सैन्य कार्रवाई का विरोध करते हैं। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियां लोगों को संभालने व उनकी पत्थरबाजी का सामना करने में उलझ जाती है और उधर कुछ स्थानीय लोग आतंकियों को वहां से सेफ निकाल देते हैं। लेकिन अब आतंकियों के इन मददगारों से सख्ती से निपटा जाएगा।