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पिता, दादा-परदादा के बाद सेना में बनी 'कैप्टन', किया पुरुषों का नेतृत्व, जानें कौन हैं तानिया शेरगिल

Thu, 16 Jan 2020 09:07 AM IST
खुशबू गोयल संजीव कुमार बख्शी, अमर उजाला, होशियारपुर(पंजाब)
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कैप्टन तानिया शेरगिल
आज 72वें सेना दिवस के मौके पर आयोजित परेड में कैप्टन तानिया शेरगिल ने पुरुषों की बटालियन का नेतृत्व किया। जानिए इस बहादुर बेटी के बारे में सब कुछ...
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कैप्टन तानिया शेरगिल
कैप्टन तान्या शेरगिल सेना दिवस परेड की अगुआई करने वाली पहली महिला अफसर बन गई हैं। दिल्ली कैंट के करियप्पा परेड ग्राउंड पर 15 जनवरी को तान्या ने पुरुषों की बटालियन का नेतृत्व किया। कैप्टन तान्या 26 जनवरी को राजपथ पर गणतंत्र दिवस परेड की भी अगुआई करेंगी। तान्या थल सेना के सिग्नल कॉर्प्स में कैप्टन हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन में बीटेक तान्या को चेन्नई की ऑफिसर ट्रेनिंग अकादमी से 2017 में कमीशन मिला था। तान्या की उपलब्धि इस लिहाज से मायने रखती है कि उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद सेना में भर्ती होने का फैसला किया।
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कैप्टन तानिया शेरगिल
दरअसल, तान्या को देशसेवा और सैन्य अनुशासन एक तरह से पारिवारिक विरासत में ही मिला है। पंजाब के होशियारपुर जिले के गांव गड़दीवाल की रहने वाली तान्या के परदादा, दादा और पिता ने भी सेना में रहकर देश की सेवा की है। कैप्टन शेरगिल के पिता, दादा और परदादा भी सेना में सेवा दे चुके हैं। पिता सूरज सिंह शेरगिल सेना की 101 मीडियम रेजिमेंट (तोपखाना) में रह चुके हैं। दादा 14वीं सशस्त्र रेजिमेंट (सिंडी होर्स) में थे। परदादा सिख रेजिमेंट में रह चुके थे।

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कैप्टन तानिया शेरगिल - फोटो : एएनआई
कैप्टन शेरगिल चौथी पीढ़ी की पहली महिला अधिकारी हैं, जिन्होंने पुरुषों की बटालियन का नेतृत्व किया। सेना में परेड एडजुटेंट का पद महिलाओं के लिए काफी महत्व रखता है, जिस पर पूरी परेड की जिम्मेदारी होती है। पिछले साल भी महिला अफसर कैप्टन भावना कस्तूरी ने गणतंत्र दिवस की परेड का नेतृत्व किया था। बता दें कि दिल्ली के करियप्पा परेड ग्राउंड में सेना दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने परेड की सलामी ली।
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कैप्टन तानिया शेरगिल - फोटो : अमर उजाला
फील्ड मार्शल करियप्पा के सम्मान में है सेना दिवस
भारतीय सेना के पहले कमांडर-इन-चीफ रहे फील्ड मार्शल केएम करियप्पा के सम्मान में हर साल 15 जनवरी को सेना दिवस मनाया जाता है। करियप्पा ने 15 जनवरी 1949 को ब्रिटिश सेनानायक सर फ्रांसिस बुचर से प्रभार लिया था। उन्होंने 1947 के भारत-पाक युद्ध के दौरान देश के पश्चिमी मोर्चे पर भारतीय सेना का नेतृत्व किया था। वे 1986 में फील्ड मार्शल की पदवी हासिल करने वाले दूसरे अफसर थे। पहले फील्ड मार्शल जनरल एसएफजे मानेकशॉ थे, जिन्हें यह खिताब मिला था।
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कैप्टन शेरगिल - फोटो : अमर उजाला

यह मेरे लिए बडे़ ही गर्व का पल था। यहां सभी एक फौजी हैं। यहां पर किसी प्रकार का कोई भेदभाव नहीं है, चाहे वह मुस्लिम हो, सिख हो या फिर मराठी। जब मैं इंजीनियरिंग के आखिरी साल में थी तब मैंने सेना में भर्ती होने के लिए आवेदन किया था। मुझे यह कामयाबी योग्यता और आशीर्वाद के चलते मिली है। -तान्या शेरगिल, कैप्टन

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