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एयरफोर्स हुई और घातक, अब सिर्फ एक प्रहार और दुश्मनों का संहार, टकराने से पहले सोचें

Tue, 08 Jan 2019 12:28 PM IST
खुशबू गोयल मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
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Indian Airforce - फोटो : File Photo
आर्मी के बाद अब एयरफोर्स से टकराने की हिम्मत कोई नहीं कर पाएगा। क्योंकि सिर्फ एक प्रहार ही दुश्मनों का संहार करने के लिए काफी होगा, इसलिए टकराने से पहले कई बार सोचें।
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इंडियन एयरफोर्स
दरअसल, इंडियन एयरफोर्स अब अपने पायलट को भी काउंटर आतंकवाद की परिस्थितियों से निपटने के लिए खास ट्रेनिंग देगी। इस ट्रेनिंग के लिए रूस इंडियन एयरफोर्स की पूरी मदद कर रहा है। इसी संदर्भ में पिछले दिनों राजस्थान में रशियन फेडरेशन एयरोस्पेस फोर्स और इंडियन एयरफोर्स एक ज्वाइंट एक्सरसाइज भी कर चुके हैं।
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Indian Airforce
देखा जाए तो इस वक्त खासकर घाटी में काउंटर आतंकवाद की घटनाएं बढ़ती जा रही है। आर्मी के जवान तो अमूमन विभिन्न राज्यों में काउंटर आतंकवाद का सामना करते रहते हैं। लेकिन एयरफोर्स भी पठानकोट में एक खतरनाक काउंटर आतंकवाद को झेल चुकी है। वैसे तो ऐसे हालातों से निपटने को एयरफोर्स के पास अपनी घातक गरुड़ कमांडो फोर्स है, लेकिन एयरफोर्स चाहती है कि काउंटर आतंकवाद के खिलाफ वे अपनी ताकत को और बढ़ाएं।

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एयरफोर्स
इसी कड़ी में इंडियन एयरफोर्स अब अपने फाइटर, ट्रांसपोर्ट और हेलीकाप्टर पायलट व अन्य क्रू जवानों के खास ट्रेनिंग देगी। इस ट्रेनिंग में रशियन फेडरेशन एयरोस्पेस फोर्स पूरी मदद कर रहा है। आतंकी हमले के दौरान एयरफोर्स का सिंगल और मल्टी एयरक्राफ्ट्स के साथ अटैक कैसा होगा, इसकी विशेष ट्रेनिंग पायलट व क्रू मेंबर्स को दी जा रही है।
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Indian Airforce - फोटो : File Photo
चूंकि घाटी में इन दिनों काउंटर आतंकवाद के खिलाफ छेड़े अभियान में आर्मी के साथ-साथ इंडियन एयरफोर्स भी पूरा सहयोग कर रही है। इसलिए एयरफोर्स की ये ट्रेनिंग आतंकियों के खिलाफ खतरनाक साबित होगी। एयरफोर्स के एक आला अफसर ने बताया कि पिछले दिनों एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ ने भी राजस्थान में इस ज्वाइंट एक्सरसाइज का अवलोकन किया था। इस दौरान दोनों देशों के बीच सैन्य उपकरणों पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
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भारतीय वायुसेना
इसलिए जरूरी है ये ट्रेनिंग
एयरफोर्स के पास कई घातक वैपनाइज्ड हेलीकॉप्टर मौजूद है। इनमें एमआई-35 दुश्मन के लिए खतरनाक आसमानी आफत माना जाता है। काउंटर आतंकवाद जैसे हालात में ये हेलीकॉप्टर 100 से 400 मीटर तक नीचे आकर हथियारों से अटैक कर सकता है। इसमें बेहद प्रशिक्षित पायलट के साथ-साथ हथियार दागने वाला क्रू मेंबर भी मौजूद रहता है। इसमें लगी गन से क्रू मेंबर एक मिनट में 3600 तक फायर दाग सकता है। इसलिए एयरफोर्स अपने इसी अटैक को और खतरनाक बनाते हुए अपने सभी फाइटर, ट्रांसपोर्ट और हैलीकाप्टर पायलट व क्रू मेंबर को ट्रेंड कर रही है।

 
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