देश में एक गांव ऐसा है, जहां के हर घर में सिर्फ औरतें बचीं हैं, वो भी विधवा। गांव में हर वक्त सन्नाटा पसरा रहता है। आखिर क्या माजरा है, जानिए?
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देखिए एक गांव, जहां हर घर में बचीं हैं सिर्फ औरतें, वो भी विधवा
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दरअसल, पंजाब के अमृतसर में एक गांव है मकबूलपुरा। इस गांव को विधवाओं के लिए जाना जाता है। यहां ज्यादातर घरों में विधवा महिलाएं रहती हैं। हर घर में मर्द मौत का ग्रास बन चुके हैं।
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आप सोच रहे होंगे कि ऐसा क्यों और कैसे? इसके पीछे की कहानी बेहद दुखदायी है। इस गांव का हर मर्द नशे का आदी है। ज्यादातर घरों में नशे की ओवरडोज के कारण मौत हो चुकी है। हालात इतने बुरे हैं कि शाम होते ही हर सड़क पर मर्द नशे के इंजेक्शन लेते नजर आ जाते हैं।
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सुधार की दिशा में कदम बढ़ाते हुए देश की पहली आईपीएस किरण बेदी के पति ब्रिज बेदी यहां आए। हालात देखते हुए उन्होंने यहां एक एनजीओ शुरू किया। इस एनजीओ का नाम नशा विरोधी स्कवॉड है। यह गांव में नशे के प्रति जागरूकता अभियान चलाता है।
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इसके अलावा एनजीओ ने गांव में एक स्कूल खोला है। जहां हर घर का बच्चा पढ़ने आता है। यहां उन्हें खाना, पहनने को कपड़ा दिया जाता है। साथ ही प्रयास किए जाते हैं, उन बच्चों को एक नशा रहित इंसान बनाने की।