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बैंक में सेटिंग करने की कोशिश की तो वो भी नपेंगे आप भी, देख लें वार्निंग

Fri, 09 Dec 2016 09:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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बैंक के बाहर लाइन - फोटो : अमर उजाला
कैश जमा कराने या निकालने के लिए बैंक कर्मचारी से सैटिंग करने की कोशिश दोनों को भारी पड़ सकती है। ये वार्निंग देख लें।
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बैंक के बाहर लाइन
चंडीगढ़ में बैंकों में धोखाधड़ी के मामलों पर नकेल कसने के लिए आरबीआई ने पैनी नजर रखनी शुरू कर दी है। किसी बैंक के खिलाफ अगर कोई छोटी से छोटी शिकायत भी आती है तो उस पर पूरी तरह से पड़ताल आरबीआई कर रही है। अगर बैंक किसी तरह की गलत कार्रवाई करते पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती है। वैसे शहर से अभी तक कोई बड़ा मामला सामने नहीं आया है। 
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बैंक के बाहर लाइन - फोटो : अमर उजाला
एचडीएफसी बैंक में एक केस सामने आया था। इसमें ब्रांच मैनेजर समेत चार कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया था। आरबीआई के रिजनल डायरेक्टर निर्मल चंद ने बताया कि उनके अधिकारी बैंकों के लेनदेन पर पूरी नजर रखे हुए हैं। आरबीआई के अधिकारी दिन में चुपचाप बैंकों में जाकर वहां की गतिविधि पर नजर रखते हैं। बैंक में आए लोगों से भी बातचीत कर पता लगाने की कोशिश की जाती है कि बैंक में किस तरह से काम हो रहा है। बैंक आरबीआई की गाइड लाइंस का पालन कर रहे है या नहीं।

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एटीएम के बाहर लाइन - फोटो : अमर उजाला
परीक्षा सिर पर है, छात्र एटीएम की लाइन में
पीयू व कालेजों में परीक्षा जल्द शुरू होनी है। छात्रों के हाथों में किताबें होनी चाहिए तो वह रुपयों के लिए एटीएम की लाइनों में लगे हैं। सोमवार को पीयू बीए आनर्स की छात्रा वर्तिका ने बताया कि पिछले कई दिनों से वह लाइनों में लगने को मजबूर हैं। इससे उसकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। पीजी का किराया देने के लिए भी रुपये नहीं हैं। रोज दो से तीन घंटे लाइनों में बिताने पड़ते हैं।
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एटीएम के बाहर लाइन
डीएवी की छात्रा अपर्णा ने बताया कि नोटबंदी के बाद से पूरा सिस्टम गड़बड़ा गया है। परीक्षा सिर पर है पर पढ़ाई से ज्यादा ध्यान एटीएम पर लगाना पड़ रहा है। कौन से सेक्टर में एटीएम चल रहा है, कहां लाइन कम। इसके बाद लाइन में लगने पर दो से तीन घंटें तो खराब हो जाते हैं। सेक्टर-17 लाइन में लगे एमए के छात्र शिमित ने बताया कि 13 दिसंबर से परीक्षाएं शुरू होंगी। अभी तक फीस भरने के लिए 12,700 रुपये का इंतजाम नहीं हो पाया हैे। इतने रुपये निकालने के लिए एक हफ्ते से लाइनों में लगना पड़ रहा है। परीक्षा  तैयारी अभी तक शुरू भी नहीं हो पाई है।
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एटीएम के बाहर लगी लाइन - फोटो : अमर उजाला
बेटे को पढ़ाई के लिए घर पर छोड़ा अभिभावक लाइन में
कहीं छात्र लाइनों में लगे है तो किसी ने बेटे को पढ़ाई करने के लिए घर बैठा कर अभिभावक खुद लाइन में लगे दिखे। ऐसे ही एक अभिभावक मनमोहन श्रीवास्तव बैंक की लाइन में खड़े थे। मनमोहन ने बताया कि उनका बेटा एक प्राइवेट कालेज से लॉ कर रहा है। उसके इस सेमेस्टर की परीक्षा 9 दिसंबर से शुरू होगी। लेकिन सेमेस्टर की फीस के 35 हजार रुपये अभी तक जमा नहीं हो पाए हैं। अगर कल तक फीस जमा न हुई तो उसका रोल नंबर रुक सकता है।
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एटीएम के बाहर लाइन - फोटो : अमर उजाला
बुधवार को भी अधिकतर एटीएम बंद रहे
बुधवार को भी शहर के ज्यादातर एटीएम बंद ही रहे। जिनमें से पैसे निकल रहे थे वहां पर लंबी-लंबी लाइनें लगी हुई थीं। इतने घंटों तक इंतजार करने के बाद लोगों का सब्र भी जवाब दे रहा था। कई जगह एटीएम के बाहर लोगों में आपस में बहसबाजी होती दिखाई दी। लोगों की शिकायत थी कि एक आदमी 5-6 एटीएम कार्ड लेकर आधे घंटे तक पैसे निकालता रहता है। इससे बहुत समय लाइनों में लगना पड़ रहा है।
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एटीएम के बाहर लगी लाइन
जब बैंक वालों से शिकायत करते हैं कि इनको क्यों नहीं रोका जाता है। इस बैंक अधिकारी कहते हैं कि ऐसी कोई आरबीआई की गाइडलाइन नहीं है कि एक आदमी एक ही एटीएम इस्तेमाल करेगा। वहीं कुछ महिलाओं ने कहा कि पुरुष व महिलाओं की एक ही लाइन है। महिलाओं के लिए अलग लाइन होनी चाहिए। कई बार लाइन में लगे पुरुष  अभद्र भाषा का प्रयोग करते है। महिलाओं के लिए अलग लाइन होनी बहुत जरूरी है। 
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