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एक IAS अफसर जिसके 26 साल के कार्यकाल में 50 से ज्यादा ट्रांसफर, जानिए कौन?

Tue, 22 Aug 2017 09:45 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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Ashok Khemka
एक ऐसा IAS अफसर जिसने न जाने कितने भ्रष्ट अधिकारियों को सस्पेंड कराया, न किसी धमकी से डरे। फिर 26 साल में 50 तबादले क्यों?
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अशोक खेमका - फोटो : अशोक खेमका
दरअसल बात हो रही है, हरियाणा के वरिष्ठ आईएएस अशोक खेमका की। सरकार ने आईएएस अशोक खेमका को अब साइंस एंड टेकभनालाजी से हटाकर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग का प्रधान सचिव लगाया है। खेमका का यह तबादला उनके 26 वर्ष के सेवाकाल में 50 से ऊपर का आकंड़ा पार कर गया है। 
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आईएएस अशोक खेमका - फोटो : file photo
खेमका अब साइंस और टेकभनालाजी के स्थान पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग देखेंगे। इसके अलावा सरकार ने आईएफएस लाबी के निशाने पर चल रहे सुनील गुलाटी को मछली पालन विभाग में लगाया है। पिछले कई दिनों से गुलाटी आईएफएस लॅाबी के निशाने पर थे। मुख्यमंत्री मनोहर लाल से भी अधिकारियों ने इस संबंध में लिखित शिकायतें की थीं।

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- फोटो : फाइल फोटो
हरियाणा के आईएएस अशोक खेमका का प्रदेश में कार्यकाल काफी विवादों से भरा रहा। इन 26 सालों में वे 50 से ज्यादा तबादले झेल चुके हैं। 12 अक्तूबर 2012 को वह उस समय सबसे अधिक सुर्खियों में छाए जब चकबंदी महानिदेशक पद पर रहते हुए उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद राबर्ट वाड्रा और डीएलएफ के बीच जमीन को लेकर हुई डील की म्यूटेशन रद्द कर दी थी। 
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आईएएस अशोक खेमका
प्रदेश में कांग्रेस की सरकार ने इस प्रकरण के बाद खेमका का स्थानांतरण हरियाणा बीज विकास निगम के महानिदेशक पद पर कर दिया। इसके बाद खेमका पर रैक्सिल दवा खरीद मामले में हुई गड़बड़ी को लेकर भी उंगली उठाई गई और यह मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा। खेमका तबादले के बाद भी सुर्खियों में बने रहे।
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Ashok Khemka
मुख्यमंत्री तक का आदेश नहीं माना था
अपनी ईमानदारी और भ्रष्टाचार विरोधी तेवर की वजह से ही अशोक खेमका हरियाणा में काफी लोकप्रिय हैं। साल 2004 में उन्होंने मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला तक का आदेश मानने से इंकार कर दिया था, जब सरकार ने कई शिक्षकों का सत्र के बीच में ही तबादला किया था।
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Ashok Khemka
पश्चिम बंगाल में पैदा हुए अशोक खेमका ने आईआईटी खड़गपुर से ग्रैजुएशन करने के बाद मुंबई के टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च से कंप्यूटर साइंस में पीएचडी हासिल की। उन्होंने एमबीए की डिग्री भी हासिल की है।

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Ashok Khemka
अशोक खेमका 1991 बैच के आईएएस ऑफिसर हैं। अपनी ईमानदारी के अलावा उन्हें नियमों के जानकार के तौर पर भी जाना जाता है। कहा जाता है कि विभाग के सीनियर अधिकारी भी उनसे कई बार राय लेते हैं।
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Ashok Khemka
अपने भ्रष्टाचार विरोधी तेवरों के चलते वह काफी लोकप्रिय रहे। 2004 में जब सरकार ने कई शिक्षकों का सत्र के बीच में ही तबादला किया था, तो उन्होंने तत्कालीन सीएम ओमप्रकाश चौटाला तक का आदेश मानने से इनकार कर दिया था। रॉबर्ट वाड्रा विवाद के दौरान एक इंटरव्यू में उन्होंने बार-बार ट्रांसफर पर अफसोस जताया था। उन्होंने कहा था, 'सरकार किसी भी पार्टी की रही हो, मुझे हर बार अपनी ईमानदारी की सजा भुगतनी पड़ी क्योंकि मैं लगातार घपलों और घोटालों का पर्दाफाश करता रहा हूं।'
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