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भीषण गर्मी में अनशन के वो 8 दिन, बेटियों के हौंसले से हारी सरकार

Thu, 18 May 2017 09:22 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, चंडीगढ़
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rewari strike
चिलचलाती गर्मी के बीच 86 लड़कियों के एक समूह का गांधीवादी प्रदर्शन नौकरशाही और लालफीताशाही पर भारी पड़ा है। बेटियों के हौंसले के आगे सरकार ने हार मान ली।
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rewari strike
हरियाणा के रेवाड़ी में भूख हड़ताल कर रहीं छात्राओं की मांग के आगे सरकार झुक गई है। मनोहर लाल खट्टर सरकार ने छात्राओं की मांग मानते हुए स्कूल के अपग्रेडेशन का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। सरकार के इस फैसले के बाद एक हफ्ते से अनशन कर रहीं छात्राओं ने हड़ताल खत्म कर दी।
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rewari school
करीब 80 से ज्यादा छात्राएं धरने पर बैठी हई थीं। जिनमें13 बेटियों का हौंसला ऐसे था कि उन्होंने आमरण अनशन तक शुरु कर दिया था। भीषण गर्मी के बीच भूख हड़ताल कर रहीं छात्राओं की तबीयत बिगड़ने लगी थी। बुधवार को तीन छात्राओं को अस्पताल ले जाया गया।

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रेवाड़ी के खोल ब्लॉक के गांव गोठड़ा टप्पा डहिना की 80 से अधिक लड़कियां बीते एक हफ्ते से अनशन पर बैठी थीं. इनकी मांग थी कि गांव के 10वीं तक के स्कूल का दर्जा बढ़ा कर सीनियर सेकेंडरी किया जाए जिससे कि वहां 12वीं तक पढ़ाई हो सके।
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छात्राओं को 10वीं से आगे की पढ़ाई के लिए कनवली स्थित स्कूल जाना पड़ता था। ये स्कूल इनके गांव से करीब 3 किलोमीटर दूर है, छात्राओं के मुताबिक उन्हें रोज स्कूल आने-जाने में छेड़खानी का शिकार होना पड़ता है। गांव के सरपंच सुरेश चौहान का कहना है कि छेड़छाड़ करने वाले शोहदे किस्म के लड़के इतने शातिर हैं कि हेलमेट पहने रखते हैं, जिससे कि उनकी पहचान ना हो सके।
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rewari strike
लड़कियों ने अपनी परेशानी घरवालों के साथ ही सरपंच को भी बताई। घरवालों ने तो लड़कियों को यहां तक कह दिया कि स्कूल छोड़ दो। वहीं सरपंच ने मामले को स्थानीय अधिकारियों के सामने उठाया लेकिन बात नहीं बनी। आखिरकार इन लड़कियों ने खुद ही मोर्चा संभालते हुए भूख हड़ताल शुरू कर दी।
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नियम के मुताबिक किसी स्कूल को दसवीं से बारहवीं तक का करना है तो छात्रों की संख्या आर्ट साइड में 100 और साइंस साइड में 150  होनी चाहिए।  जबकि अभी जिस स्कूल को बारहवीं तक का छात्राएं कराना चाहती हैं, वहां कम बच्चे ही पढ़ पाएंगे।
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मनचलों के डर से दूसरे गांव के स्कूल में नहीं जाने को लेकर भूख हड़ताल पर बैठी छात्राओं की कोशिश आखिरकार रंग ले ही आई। हरियाणा सरकार की तरफ से आज स्कूल अपग्रेड किए जाने के फैसले की घोषणा के बाद छात्राओं ने अपनी भूख हड़ताल को तोड़ दिया। 
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