स्वाइन फ्लू हो जाए तो बिल्कुल भी देर न करें और 48 घंटे के भीतर एक ये काम कर डालें। अगर चूक गए तो जान पर बन सकती है, बचने के अन्य उपाय भी करें, जानने के लिए यहां क्लिक करें।
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swine flu
बच्चों में स्वाइन फ्लू के सामान्य लक्षण
- बच्चों का तेज सांस चलना या सांस लेने में तकलीफ होना।
- बच्चों की त्वचा के रंग में बदलाव आना।
- अगर बच्चा यथोचित पानी नहीं पी रहा है तो यह भी स्वाइन फ्लू का एक लक्षण है।
- बच्चों को लगातार उल्टियां होना भी स्वाइन फ्लू का ही लक्षण है।
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SWINE FLU
- फोटो : SELF
48 घंटे के भीतर लें दवा
स्वाइन फ्लू के एच1एन1 वायरस से संक्रमित होने के बाद दो से चार दिन में बीमारी के लक्षण दिखने लगते हैं। इसलिए तुरंत इलाज कराना चाहिए। डॉक्टरों की माने तो वायरस से संक्रमित होने के बाद बीमारी का लक्षण दिखने पर 48 घंटे के भीतर दवा जरूर लेनी चाहिए। 48 घंटे बाद दवा का अधिक असर नहीं होता।
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ट्रिपल लेयर मास्क 70 से 80 और एन-95 से 90 फीसदी बचाव
छीकने और खांसने पर हवा में या फिर नाक से निकले वाले द्रव व थूंक के कण जहां भी जमीन पर गिरते हैं, वह एरिया स्वाइन फ्लू के वायरस से जद में आ जाता है। इसके अलावा संक्रमित दरवाजे, फोन, कीबोर्ड या रिमोट कंट्रोल आदि सामान्य छूई जाने वाली चीजों के जरिए भी यह वायरस फैलता है। ट्रिपल लेयर सर्जिकल मास्क चार घंटों के लिए व एन-95 मास्क आठ घंटों तक सुरक्षा करता है। ट्रिपल लेयर सर्जिकल मास्क इस्तेमाल करने पर वायरस से 70 से 80 प्रतिशत तक बचाव हो सकता है, वहीं एन-95 मास्क से से 90 प्रतिशत तक बचाव हो सकता है। इसके अलावा फ्लू के वायरस से बचाव में मास्क तभी कारगर होगा जब उसे सही तरह से पहना जाए। मास्क बांधते समय हमेशा ध्यान रखें कि मुंह और नाक पूरी तरह से ढक जाए।
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स्वाइन फ्लू के लक्षण स्वाइन फ्लू के लक्षण
- बुखार
- तेज ठंड लगना
- गला खराब हो जाना
- मांसपेशियों में दर्द होना
- तेज सिरदर्द होना
- खांसी आना
- कमजोरी महसूस करना
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लक्षण दिखने पर रखें ध्यान ये बातें
खांसने और छींकने के दौरान अपनी नाक व मुंह को कपड़े से ढंके।बाहर से आने पर हाथों को साबुन से अच्छी तरह से धोएं। जिन इलाकों में स्वाइन फ्लू हैं, वहां से जाने से भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में जाने से ब फ्लू से संक्रमित हैं तो घर पर ही आराम करें। फ्लू से पीड़ित से दूरी बनाकर रखें। पौष्टिक आहार लें और खूब पानी पीएं। फ्लू से पीड़ित होने पर डॉक्टर को दिखाएं।
क्या न करें
गंदे हाथों से आंख, नाक या मुंह को छूना, सार्वजनिक स्थानों पर थूकना। किसी को मिलने के दौरान गले लगना, चूमना या हाथ मिलाना।बिना डॉक्टर को दिखाए दवाएं लेना। इस्तेमाल किए हुए नैपकिन, टिश्यू पेपर इत्यादि खुले में फेंकना। फ्लू वायरस से दूषित रेलिंग, दरवाजे आदि को न छूएं। सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान करना।