मंत्री के पोते ने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभ्रद सिंह के भतीजे को कुचल दिया था और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। केस में अब नया मोड़ आ गया है।
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अकांक्ष हत्याकांड
- फोटो : File Photo
दरअसल, सीएम वीरभद्र की पत्नी के भतीजे अकांक्ष सेन को मारने के आरोपी हरमेहताब सिंह उर्फ फरीद के खिलाफ हत्या की धारा (302) और 34 आईपीसी के तहत ही केस चलेगा। जिला अदालत ने बचाव पक्ष की उस दलील को खारिज कर दिया, जिसके तहत उन्होंने कहा था कि केस रोड साइड एक्सीडेंट का है। हालांकि अदालत ने आरोपी हरमेहताब के खिलाफ आरोप तय करने के लिए सात नवंबर की तारीख तय की है।
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अकांक्ष हत्याकांड में गिरफ्तार हरमेहताब सिंह उर्फ फरीद
इससे पहले मंगलवार को दोनों पक्षों में आरोप तय करने को लेकर हुई बहस में बचाव पक्ष ने कहा था कियह केस रोड साइड एक्सीडेंट का है। इसमें हत्या की धारा में आरोप तय न किए जाएं। वहीं अभियोजन पक्ष ने इस पर दलील दी थी कि यह एक इरादतन हत्या का मामला है और इसके मेडिकल सबूत भी हैं कि अकांक्ष को कार से कुचलकर मारा गया है।
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अकांक्ष हत्याकांड
दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद अदालत ने इस पर फैसले के लिए अगली तारीख तय की थी। शनिवार को अदालत ने बचाव पक्ष की दलील को खारिज करते हुए केस को 302 और 34 आईपीसी के तहत ही चलाने का आदेश दिया। साथ ही आरोपी फरीद के खिलाफ आरोप तय करने के लिए 7 नवंबर की तारीख तय की है। वहीं उसकी जमानत याचिका पर 3 नवंबर को सुनवाई होगी।
यह है मामला
हिमाचल के सीएम वीरभद्र सिंह के साले के बेटे अकांक्ष को 9 फरवरी 2017 की सुबह चंडीगढ़ सेक्टर-9 में एक बीएमडब्ल्यू कार ने रौंद दिया था। हादसा सेक्टर-9 में 9 फरवरी वीरवार सुबह करीब 5 बजे हुआ था। बीएमडब्ल्यू का टायर अकांक्ष के सिर के ऊपर से गुजर गया था। अकाक्ष सेक्टर- 9 में बूम बॉक्स कैफे चलाता था। पुलिस को दी शिकायत में परिजनों ने पुरानी दुश्मनी के चलते अकांक्ष पर जानबूझ कर गाड़ी चढ़ाने की शिकायत दी थी।