आंतकवादी संगठनों द्वारा रेलवे स्टेशनों को उड़ाए जाने की धमकी के बाद हरियाणा सरकार ने हाई अलर्ट जारी करते हुए कड़े सुरक्षा इंतजाम कर दिए हैं, देखिए तस्वीरें।
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रेलवे स्टेशनों पर चेकिंग
- फोटो : अमर उजाला
आंतकवादी संगठनों ने हरियाणा के जिन रेलवे स्टेशनों को उड़ाई जाने की धमकी दी है, उनमें कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन का नाम भी है। जहां पर रेलवे पुलिस तैनात कर दी गई है। रेलवे पुलिस ने टीमें गठित करके सोमवार को प्लेटफार्म, रेलवे यार्ड, पार्किंग स्थलों पर तलाशी अभियान चलाया। अब हर संदिग्ध पर नजर रखी जा रही है। प्लेटफॉर्म पर ट्रेन के आते ही रेलवे पुलिस का जत्था खास मुस्तैद दिखाई पड़ रहा है। कुरुक्षेत्र रेलवे पुलिस एसएचओ जोगिंदर सिंह अपनी टीम के साथ स्टेशन पर नजर बनाए हुए हैं और मुस्तैदी के साथ रेलवे स्टेशन की सुरक्षा में डटे हैं। बता दें कि कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन पर कई ट्रेनों का स्टॉपेज है। देश विदेश से यात्री आते हैं, जिन पर नजर रखने के लिए कुरुक्षेत्र जंक्शन पर सादे कपड़ों में भी रेलवे पुलिस की टीम तैनात की गई है। महिला पुलिस को भी रेलवे स्टेशन पर तैनात किया गया है।
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रेलवे स्टेशनों पर चेकिंग
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गौरतलब है कि जैश-ए-मोहम्मद के एरिया कमांडर मैसुल अहमद के नाम से रोहतक रेलवे स्टेशन मास्टर को धमकी भरा पत्र मिला है। रोहतक रेलवे स्टेशन मास्टर यशपाल मीणा को शनिवार की दोपहर डाकिया के माध्यम से दो पत्र मिले। जैसे ही स्टेशन मास्टर ने पहला पत्र खोलकर पढ़ा तो उनके होश उड़ गए। पत्र भेजने वाले ने अपना नाम जैश-ए-मोहम्मद का एरिया कमांडर मैसुल अहमद जम्मू-कश्मीर, करांची पाकिस्तान लिखा था। पत्र में लिखा है कि आठ अक्तूबर को जैश-ए-मोहम्मद अपने जेहादियों की हुई मौत का बदला जरूर लेगा और रेलवे स्टेशनों व मंदिरों में धमाके करेगा। पत्र में लिखा है कि रोहतक, हिसार, कुरुक्षेत्र, महाराष्ट्र के मुंबई सिटी स्टेशन, चेन्नई, बंगलूरू, जयपुर, कोटा, भोपाल, इटारसी, दुर्ग के स्टेशनों पर बम धमाके होंगे। इसके अलावा राजस्थान, गुजरात, तमिलनाडु, मध्यप्रदेश, हरियाणा व यूपी के स्टेशन पर मंदिरों को निशाना बनाकर उड़ाया जाएगा।
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रेलवे स्टेशनों पर चेकिंग
- फोटो : अमर उजाला
स्टेशन मास्टर ने तुरंत मामले की जानकारी दिल्ली मुख्यालय के अधिकारियों को दी। उसके बाद जीआरपी, आरपीएफ की एसआईवी (स्पेशल इंटेलीजेंस विंग), आईबी (इंटेलीजेंस ब्यूरो) और हरियाणा की सुरक्षा एजेंसियां हरकत में आ गई। जीआरपी और आरपीएफ के उच्चाधिकारियों ने हाई अलर्ट जारी कर दिया। जिन-जिन रेलवे स्टेशनों के नाम पत्र में लिखे गए हैं, वहां-वहां कड़ी सुरक्षा व्यवस्था कर दी गई है। मामले की गंभीरता को देख उच्चाधिकारियों का निर्देश मिलने के बाद रोहतक स्टेशन मास्टर यशपाल मीणा ने आरपीएफ से संपर्क साधा और फिर जीआरपी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। जीआरपी ने यह मामला आईपीसी की धारा 124ए, 153ए, 295ए, 505(1) बी में दर्ज करके अंबाला मुख्यालय को सूचित किया। इसकी जानकारी होने के बाद जीआरपी और आरपीएफ मुख्यालयों से रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा के मद्देनजर हाई अलर्ट जारी कर दिया गया।
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रेलवे स्टेशनों पर चेकिंग
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निर्देश दिए गए कि रेलवे स्टेशन पर सघन चेकिंग की जाए ताकि नापाक मंसूबे पूरे नहीं हो सके। मगर अफसोस है कि हाई अलर्ट के बावजूद रविवार को रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था रामभरोसे नजर आई। रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक, दो और तीन पर न जीआरपी और न आरपीएफ की सुरक्षा व्यवस्था नजर आई। न यात्रियों के सामान की चेकिंग की गई और न बाहर खड़े वाहनों की। सूत्र बताते हैं कि जीआरपी ने रेलवे स्टेशन और ट्रेनों के अंदर चेकिंग की है मगर वह सिर्फ कागजों में।
धमकी भरे पत्र का मजमून
हम अपने जेहादियों की मौत का बदला जरूर लेंगे। इस बार भारत सरकार के होश उड़ा देंगे। आठ अक्तूबर को स्टेशनों व मंदिरों को निशाना बनाकर उड़ा देंगे। हम जेहादी हजारों की संख्या में हिंदुस्तान को तबाह कर देंगे। चारों ओर खून ही खून नजर आएगा। खुदा हाफिज, आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का एरिया कमांडर मैसुद अहमद।
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रेलवे स्टेशनों पर चेकिंग
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पत्र किसी की शरारत, आतंकी अपने संगठन को आतंकवादी संगठन नहीं लिखते
जानकारों का कहना है कि पत्र के लब्बोलुआब से स्पष्ट होता है कि यह किसी की शरारत भी हो सकती है। इसकी वजह, पत्र में कहीं भी उर्दू को कोई अल्फाज नहीं। दूसरा कोई भी आतंकी अपने संगठन को आतंकवादी संगठन नहीं कहता। वह अपने को सिर्फ जेहादी मानते हैं आतंकवादी नहीं।
लिफाफे की मोहर अस्पष्ट, डाकघर से साधा संपर्क
जिस लिफाफे के अंदर धमकी भरा पत्र आया था, उस पर डाकघर की मोहरें काफी हल्की है। मोहर कहां से लगी है, इसका पता लगाने में जांच अधिकारी एसआई नरेंद्र जुट गए हैं। उन्होंने डाकघर के अफसरों से संपर्क साधाकर कहां से पत्र पर मोहर लगी है, इसका पता लगाने के लिए कहा हैं। बताते हैं कि डाक विभाग के अफसर ने जांच अधिकारी को सोमवार बुलाया है।
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आरपीएफ की एसआईवी टीम ने ली जानकारी
स्टेशनों को उड़ाने की धमकी का पत्र मिलने के बाद आरपीएफ की एसआईवी (स्पेशल इंटेलीजेंस विंग) सक्रिय हो गई है। इसके चलते रविवार को रोहतक आए एक अफसर ने आरपीएफ और जीआरपी से मामले की जानकारी हासिल की। उन्होंने ट्रेनों के साथ-साथ स्टेशन पर संदिग्धों पर नजर रखने और सक्रियता बढ़ाने के आदेश दिए। स्टेशन पर आने वाले वाहनों की विशेष चेकिंग करने के लिए भी निर्देश दिए।
जीआरपी से प्रदेश की खुफिया एजेंसियों ने लिया इनपुट
प्रदेश की खुफिया एजेंसियों ने रविवार को मामले की जानकारी होने के बाद संपर्क करके पत्र के बारे में जानकारी ली। खुफिया एजेंसियों ने अब तक की गई जांच में मिले इनपुट के बारे में भी पता किया है।
जांच अधिकारी ने डाकिया से की पूछताछ
जीआरपी थाना प्रभारी ने बताया कि जैसे ही स्टेशन अधीक्षक यशपाल मीणा ने रिपोर्ट दर्ज करवाई वैसे ही जांच अधिकारी एसआई नरेंद्र ने पत्र और उसके लिफाफे को जांच के लिए अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद मुख्य डाकघर से संपर्क करके डाकिया के बारे में जानकारी की गई। डाकिया को थाने पर बुलाकर पूछताछ की गई। बताते हैं कि डाकिया ने बताया कि मुख्य डाकघर से रेलवे स्टेशन मास्टर के नाम से दो डाक मिली थी, जो उसने सीधे स्टेशन पर दी। उससे पूछा गया कि वह स्टेशन आते समय किसी से मिला था या किसी ने तो डाक नहीं दी। इस पर उसने स्पष्ट इनकार कर दिया।