हरियाणा के स्कूलों में कार्यरत गेस्ट टीचर्स को आज हाईकोर्ट ने राहत तो दी है, लेकिन उनकी नौकरी पर खतरा अभी बरकरार है। तस्वीरों में पूरा मामला।
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गेस्ट टीचर्स को हाईकोर्ट से राहत, खतरा बरकरार
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हाईकोर्ट में आज मामले की सुनवाई के बाद हरियाणा सरकार को 27 मई तक दोबारा रियलाइजेशन कराने के आदेश दिए हैं। साथ ही रियलाइजेशन के बाद सरप्लस होने वाले गेस्ट टीचर्स को 3 दिन का नोटिस देकर हटाने के निर्देश भी दिए गए हैं। इससे जहां टीचर्स को राहत मिली है, वहां नौकरी पर खतरा भी बरकरार रहा है। बता दें कि शिक्षा विभाग पहले इस मामले में 4073 गेस्ट टीचर्स को सरप्लस बता चुका है।
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हाईकोर्ट के फैसले के बाद ही प्रदेशभर से सीएम सिटी में पहुंचे गेस्ट टीचर्स अपनी अगली रणनीति का खुलासा करेंगे। महापड़ाव के दौरान रविवार को एक गेस्ट टीचर्स बेहोश हो गया व गर्मी के चलते कई की हालत बिगड़ गई। सरकार के किसी भी नुमाइंदे द्वारा तीन दिनों से बातचीत तक का निमंत्रण नहीं दिए जाने से गुस्साए गेस्ट टीचर्स ने रविवार को तपती दोपहर में करीब साढ़े 3 बजे सड़कों पर उतरकर रोष मार्च निकाला।
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शाम 4 बजे तक चले रोष मार्च में अतिथि अध्यापकों ने प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री सहित पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा व शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा और अनिल विज के खिलाफ भड़ास निकाली। रविवार की छुट्टी होने के कारण रोजाना से करीब 2 हजार गेस्ट टीचर्स व उनके परिजनों की संख्या अधिक रही। तीन दिनों से जारी महापड़ाव पर रोजाना करीब 70 हजार रुपये का खर्च आ रहा है।
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शाम 4 बजे तक चले रोष मार्च में अतिथि अध्यापकों ने प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री सहित पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा व शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा और अनिल विज के खिलाफ भड़ास निकाली। रविवार की छुट्टी होने के कारण रोजाना से करीब 2 हजार गेस्ट टीचर्स व उनके परिजनों की संख्या अधिक रही। तीन दिनों से जारी महापड़ाव पर रोजाना करीब 70 हजार रुपये का खर्च आ रहा है।
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गेस्ट टीचर्स ने पूर्व निर्धारित योजना के तहत सीएम सिटी में डेरा डाला है। दरअसल गेस्ट टीचर्स इस बात को भांप चुके हैं कि सरकार उन्हें बाहर का रास्ता दिखाना चाहती है। साथ ही 11 मई को हाईकोर्ट की सुनवाई की डेट पहले ही तय थी।
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ऐसे में सरकार पर दबाव बनाने और उसे अपने चुनावी वादों की याद दिलाने के लिए गेस्ट टीचर्स ने एक खास रणनीति के तहत सीएम सिटी में डेरा डाला है। गेस्ट यह भी स्पष्ट कर चुके हैं कि जब तक उन्हें अब नियमित नहीं किया जाता वह यहां से नहीं उठेंगे।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के बयान पर पलटवार करते हुए गेस्ट टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष राजेंद्र शास्त्री ने कहा कि एक भी गेस्ट टीचर्स की बैक डोर से एंट्री नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि 10 साल से हुड्डा की सरकार थी और उन्होंने ही यह सरकार बदली है। अब उनके कारण नए मुख्यमंत्री बने और उन्हीं की बैक डोर से एंट्री हुई है।