सूरज यादव ने JEE एडवांस में ऑल इंडिया 5वां रैंक हासिल किया है। इस सफलता को पाने के लिए उसने जिद्द को बनाए रखा।
विज्ञापन
2 of 5
suraj yadav
मेरी जिद्द थी कि मैं टॉप-10 में स्थान पाऊं। मेंस में अच्छी रैंक आने के बाद इस लक्ष्य को पाने के लिए चुनौतियां और बढ़ गई थीं। फिर भी चुनौतियों को दरकिनार करते हुए मैंने कड़ी मेहनत, आत्मविश्वास और बुजुर्गों के आशीर्वाद से अपने लक्ष्य को प्राप्त किया। जेईई एडवांस में 5वीं रैंक पाने वाले सूरज ने बताया कि मेंस का रिजल्ट आने के बाद एक महीने के दौरान अपना पढ़ाई का समय बढ़ाकर 12 घंटे कर दिया था।
विज्ञापन
3 of 5
suraj
पढ़ाई के लिए नींद बहुत जरुरी है इसलिए रात भर सोता और पूरे दिन पढ़ाई करता। पढ़ाई के अलावा कोई गेम या फिल्म देखने का शौक नहीं है इसलिए जब पढ़ाई कर थक जाता तो मम्मी पापा के साथ शरारत शुरू कर देता। उसी से दिमाग फ्रेश कर लेता। सूरज के मुताबिक कोचिंग की बजाय अगर आप सेल्फ स्टडी करें तो ज्यादा बेहतर है। कोचिंग करने पर सेल्फ स्टडी के लिए समय नहीं मिल पाता।
4 of 5
suraj yadav
कोचिंग नहीं की बल्कि स्कूल में जो कक्षाएं चलती थी वहीं पढ़ाई की। सोशल मीडिया को कभी अपनी कमजोरी नहीं बनाया बल्कि हमेशा उससे दूरी बनाए रखी। व्हाट्सएप का इस्तेमाल भी सिर्फ नोट्स आदि के लिए करता था। सूरज ने अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता राजकुमार, मां सुनीता देवी और अध्यापकों को दिया।
सरकारी स्कूल में अध्यापक पिता राजकुमार ने बताया कि सूरज बचपन से बहुत जिद्दी रहा है। एक बार जो जिद्द वह कर लेता उसको पूरा ही करके रहता है। आईआईटी टॉप-10 में आने के लिए उसने जिद्द की हुई थी और यह उसने अपनी जिद्द पूरी की। सूरज के मुताबिक वह आईआईटी मुंबई से कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई करना चाहता है। उसकी बड़ी बहन वैशाली दिल्ली तकनीकी विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रही है।