हरियाणा के नौरनौंद जिले के एक गांव राखी गढ़ी में स्थित हड़प्पा संस्कृति की विरासत को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने की घोषणा की गई है। तस्वीरों में पूरा मामला। रिपोर्टः सज्जन सैनी
Trending Videos
विज्ञापन
विश्व स्तर पर चमकेगी हड़प्पा संस्कृति की ये विरासत
2 of 8
यह घोषणा पुरातत्व विभाग के सचिव एवं महानिदेशक आईएएस अधिकारी अशोक खेमका ने की। खेमका रविवार को गांव राखी गढ़ी के टीलों पर हड़प्पाकालीन सभ्यता का अवलोकन करने पहुंचे थे। खेमका का यह दौरा पूरी तरह से गोपनीय रहा। रविवार को सुबह 6 बजे ही गांव राखी गढ़ी के टीलों पर पहुंचे खेमका ने टीलों की साइट पर करीब पांच घंटे बिताए। अलग-अलग टीलों पर जाकर हड़प्पाकालीन संस्कृति की जानकारी ली। खुदाई कर रहे छात्रों से खुदाई के दौरान निकले अवशेषों के बारे में भी विचार-विमर्श किया। इस दौरान खेमका ने इन अवशेषों को सुरक्षित रखने के लिए गांव में ही म्यूजियम बनाने की सख्त जरूरत बताई।
विज्ञापन
विश्व स्तर पर चमकेगी हड़प्पा संस्कृति की ये विरासत
3 of 8
पिछले कई दिनों से पुरानी सभ्यता को लेकर प्रसिद्ध हुए गांव राखी गढ़ी में डेक्कन यूनिवर्सिटी के छात्रों द्वारा की जा रही खुदाई देखने के लिए कई अधिकारी आ चुके हैं। इसी चर्चा की खबर जब पुरातत्व विभाग के महानिदेशक व सचिव अशोक खेमका को लगी तो वे इस सभ्यता को जानने गांव राखी गढ़ी पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले टीले नंबर 6 पर खुदाई के दौरान निकले एक मकान का निरीक्षण किया और उसके बारे में गहनता से जानकारी ली। उसके बाद टीले नंबर चार पर और टीले नंबर एक व तीन पर गए। उसके बाद म्यूजियम के लिए दी गई भूमि का भी निरीक्षण करने पहुंचे।
विश्व स्तर पर चमकेगी हड़प्पा संस्कृति की ये विरासत
4 of 8
म्यूजियम के लिए चिह्नित जगह देखने के बाद अशोक खेमका सीधे खुदाई कर रहे छात्रों के कैंप में पहुंचे। कैंप में डेक्कन यूनिवर्सिटी पूना के वाइस चांसलर वसंत सिंधे व खुदाई प्रभारी निलेश जाघव से लगभग एक घंटे तक एकांत में हड़प्पाकालीन सभ्यता के बारे में बातचीत की। वाइस चांसलर वसंत सिंधे ने लैपटॉप पर तैयार की गई हड़प्पाकालीन सभ्यता की सभी जानकारियां खेमका को दी और कहा कि राखी गढ़ी हड़प्पाकालीन की सबसे बड़ी साइट है।
विज्ञापन
विश्व स्तर पर चमकेगी हड़प्पा संस्कृति की ये विरासत
5 of 8
पुरातत्व विभाग के सचिव एवं महानिदेशक अशोक खेमका ने बताया कि मेरा तबादला अब इस विभाग में किया गया है। राखी गढ़ी में इतनी पुरानी सभ्यता है, इसका मुझे पता नहीं था। जल्द ही सारी जानकारी लेकर राखी गढ़ी को विश्व स्तर पर चमकाने का काम किया जाएगा। सरकार की तरफ से भी राखी गढ़ी में इस सभ्यता को जीवित रखने के लिए कोशिश की जा रही हैं। गांव में म्यूजियम की सख्त जरूरत है ताकि बाहर से आने वाले पर्यटक हड़प्पाकालीन सभ्यता के अवशेषों को देख सकें।
विज्ञापन
विश्व स्तर पर चमकेगी हड़प्पा संस्कृति की ये विरासत
6 of 8
दक्षिणी कोरिया की सियोल नेशनल यूनिवर्सिटी के सहयोग से हरियाणा पुरातत्व विभाग, डैक्कन कॉलेज पूना के छात्र गांव राखी गढ़ी की इस विरासत की खुदाई में जुटे हुए हैं। खुदाई के दौरान चार नर कंकाल निकले तो खुदाई कर रही टीम ने बारीकी से खुदाई की और एक मानव का नर कंकाल मिला। उसके बाद आसपास के एरिये की खुदाई की गई तो एक के बाद एक चार नर मानव कंकाल निकले।
विज्ञापन
विश्व स्तर पर चमकेगी हड़प्पा संस्कृति की ये विरासत
7 of 8
खुदाई प्रोजेक्ट सह निर्देशक प्रो. निलेश जाघव ने बताया कि इस साइट पर खुदाई करते समय पहली बार नर कंकाल मिले हैं। विशेषज्ञों की मदद से इन कंकालों का डीएनए ले लिया गया है और टेस्ट के लिए कोरिया की सियोल यूनिवर्सिटी भेजा जाएगा। उसके बाद हड़प्पा संस्कृति के बारे में और भी कई राज उजागर होंगे। डीएनए होने के बाद पता चलेगा कि यह नर कंकाल कितने वर्ष पुराने हैं और यह किन लोगों के हैं।
विश्व स्तर पर चमकेगी हड़प्पा संस्कृति की ये विरासत
8 of 8
खुदाई में चार कंकाल में दो पुरुष, एक महिला और एक बच्चे का है। नर कंकाल पूरी तरह से सुरक्षित हैं।यह नर कंकाल पूरी तरह से सुरक्षित हैं, जोकि पूना की डैक्कन यूनिवर्सिटी में भेज दिए गए हैं। खुदाई के दौरान आभूषण भी मिले। इसमें पत्थर के मनके, मिट्टी की चूड़ी, शंख की चूड़ी, पकी हुई मिट्टी के मनके आदि मिले। इसके अलावा एक मुहर भी मिली है। इस मुहर पर टाइगर बना हुआ है। दूसरी ओर कुछ लिखा हुआ है, जो अभी तक पढ़ा नहीं जा सका।