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जज्बा देखिए, विकलांग हैं तो क्या, पर जॉब भी जरूरी है

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इन युवाओं का जज्बा देखिए, विकलांग होने के बावजूद जॉब करने के लिए ये कैसे तत्पर दिखाई दे रहे हैं। कंपनियों ने भी हाथों-हाथ इन्हें नौकरियां बांटी। देखिए, तस्वीरें।
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जज्बा देखिए, विकलांग हैं तो क्या, पर जॉब भी जरूरी है

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चंडीगढ़ में शारीरिक रूप से अक्षम लोगों के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्निकल टीचर्स ट्रेनिंग एंड रिसर्च सेंटर (एनआईटीटीटीआर) सेक्टर-26 और सार्थक एजुकेशनल ट्रस्ट की ओर से जॉब फेस्ट का आयोजन किया गया।
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एनआईटीटीटीआर में शुक्रवार को प्रशासक के सलाहकार विजय कुमार ने इसका उद्घाटन किया और 61 युवकों को जॉब के लिए चुना गया।

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इस फेस्ट में शारीरिक रूप से अक्षम और मूक-बधिर को दो कैटगरी में बांटा गया। इनमें 250 युवक पहुंचे शामिल थे। 20 कंपनियों के पदाधिकारियों ने उनकी प्रतिभा परखी।
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एनआईटीटीटीआर-26 के प्रोफेसर जेएस सैनी ने बताया कि 20 कंपनियों की ओर से 250 बच्चों की क्षमताएं आंकने के बाद शाम को 61 को जॉब के लिए चुना गया।
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उन्हें कम से कम सात हजार रुपये मासिक वेतन दिया जाएगा। इस मौके पर एनआईटीटीटीआर के डायरेक्टर एमपी पूनिया, सार्थक एजुकेशनल ट्रस्ट के सीईओ जतिंदर अग्रवाल, टेक महेंद्रा फाउंडेशन के सेंटर हेड राजेश सिंह भी उपस्थित थे।
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प्रोफेसर जेएस सैनी ने बताया कि यह 15 वां जॉब फेयर था। पिछले साल के फेस्ट में 350 युवक जॉब के लिए आए थे, जिनमें 50 को विभिन्न कंपनियों ने चुना था। ऐसे फेस्ट की शुरुआत 2010 मे हुई थी।
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