इस होनहार बेटी से मिलिए। इसने वो काम किया, हर जानने वाला नाज कर रहा है। आप जानेंगे तो सलाम करेंगे इसे। देखिए तस्वीरों में।
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बेटी तुझे सलाम! किया ऐसा काम, जिस पर सबको नाज
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ये है हरियाणा के रोहतक की सुनैना। हाल ही में ये ट्रेनिंग पूरी करके लेफ्टिनेंट बनी है। सुनैना की इस उपलब्धि पर न केवल हरियाणा को, बल्कि देश भर को नाज है।
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बेटी तुझे सलाम! किया ऐसा काम, जिस पर सबको नाज
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गांव खेड़ीसाध की सुनैना अपने इस मुकाम का श्रेय मां जेबीटी टीचर कमलेश गहलावत और चाचा राजू को देती हैं। सुनैना कहती हैं कि मां ने बताया कि पापा सज्जन सिंह गहलावत मुझे पायलट बनाना चाहते थे। लेकिन, मैं अपने पापा की तरह बनना चाहती थी। बस, उनकी दुआएं व इंतजार रंग लाया कि मैं आज लेफ्टिनेंट बन गई हूं।
बेटी तुझे सलाम! किया ऐसा काम, जिस पर सबको नाज
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सुनैना बताती हैं कि 4 साल की थी, जब पापा जम्मू कश्मीर के पुंज सेक्टर में आंतकवादियों से लड़ते हुए शहीद हो गए थे। मेरा भाई लवदीप गहलावत सिर्फ 3 महीने का था। इतनी छोटी उम्र में मुझे ज्यादा समझ नहीं थी। पर, जब कभी पापा पूछते कि तुम्हें बड़ा होकर क्या बनना है तो हमेशा फौज में जाने को कहती थी।
लेफ्टिनेंट के चाचा राजू ने बताया कि 23 अक्टूबर 1997 को मेजर सज्जन गहलावत जम्मू कश्मीर के पुंज सेंटर में आतंकवादियों के साथ लड़ते हुए शहीद हो गए। फिर, 15 अगस्त 1998 को उन्हें भारत सरकार की ओर से शौर्य चक्र मिला।