नौकरी को बचाने के लिए करनाल में महापड़ाव के छठे दिन प्रदेशभर के गेस्ट टीचर्स ने गांधीगीरी दिखाते हुए कटोरा उठाकर भीख मांगी। देखिए, तस्वीरें।
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गेस्ट टीचर्स की गांधीगीरी, कटोरा थामा और मांगी भीख
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हिसार मंडल के अतिथि अध्यापकों ने रणनीति के तहत छठे दिन दानवीर कर्ण की नगरी में कटोरा हाथ में लिया और भीख मांगने के लिए सड़कों पर उतर गए। इस दौरान अतिथि अध्यापकों ने सेक्टर 12 और 13 की सड़कों पर राहगीरों से कटोरा आगे करके भीख मांगी।
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लोगों ने भी इस दौरान दिल खोलकर अतिथि अध्यापकों को भीख दी। इस दौरान 45 हजार 880 रुपये की राशि, भीख मांगकर करीब पौने घंटे में ही एकत्रित हो गई।
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इसके बाद सभी अतिथि अध्यापक जिला लघु सचिवालय पहुंचे जहां डीसी की अनुपस्थिति में सिटी मजिस्ट्रेट आशुतोष राजन व रेड क्रॉस सचिव को अतिथि अध्यापकों ने भीख से एकत्रित किए गए 45 हजार 880 रुपये नेपाल भूकंप त्रासदी पीड़ितों के लिए सौंप दिए।
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अतिथि अध्यापकों ने मंच से धर्मांतरण की बात कही। महापड़ाव को संबोधित करते हुए मंगलवार के बाद बुधवार को भी अतिथि अध्यापकों ने मंच कहा कि यदि सरकार इस मामले में अपना रुख स्पष्ट नहीं करती तो अब उनके पास धर्मांतरण के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा।
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अतिथि अध्यापकों ने कहा कि एक ओर तो सरकार गीता को पढ़ाई का हिस्सा बनाने की बात कहती है, लेकिन दूसरी और उन्हें बेरोजगार करना चाहती है। उन्होंने कहा कि गीता में ऐसा कहा लिखा है कि 10-10 साल से कार्यरत अध्यापकों को हटा दिया जाए। अतिथियों ने कहा कि अब कोई एक दो या सैकड़ों अतिथि अध्यापक धर्मांतरण नहीं करेंगे, बल्कि 16 के 16 हजार अतिथि अध्यापक व उनसे जुड़े परिवार धर्मांतरण करने पर मजबूर हो जाएंगे और इसकी जिम्मेदारी सिर्फ और सिर्फ प्रदेश सरकार व शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा होंगे।