देश की सीमा पर आतंकवादियों से लड़ते हुए इकलौता बेटा शहीद हो गया। शहीद के पैतृक गांव जलौली में आयोजित कार्यक्रम में शहीद के पिता एसएस कौशल, मां वीणा कौशल और परिवार के अन्य सदस्यों समेत सेना और राजनीतिज्ञों ने श्रद्घांजलि अर्पित की। शहीद कैप्टन रोहित कौशल का यह 19वां बलिदान दिवस था।
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इकलौता बेटा शहीद, शहादत पर कीजिए नमन
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बलिदान दिवस पर राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। राज्यपाल ने कहा कि कैप्टन रोहित देश की रक्षा के लिए 27 वर्ष में ही खूंखार उग्रवादियों के साथ हुई मुठभेड़ में जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में शहीद हो गए थे। इससे पूर्व 18 पंजाब बटालियन की ओर से शहीद को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और दो मिनट का मौन रखा गया।
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यह समारोह शहीद के पैतृक गांव जलौली में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान अंबाला के सांसद रतन लाल कटारिया व पंचकूला के विधायक ज्ञानचंद गुप्ता ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की।
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नेताओं ने कहा कि मोदी सरकार शहीदों व उनके आश्रितों के उत्थान के लिए योजनाएं बनाएगी। वे स्वयं प्रधानमंत्री से बात करेंगे, ताकि शहीदों के सम्मान के लिए प्राथमिकता के आधार पर नई योजनाएं तैयार की जा सके।
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शहीद कैप्टन को डीसी डॉ. एसएस फुलिया, अंबाला मंडल रेंज के पुलिस आयुक्त ओपी सिंह, सेना की ओर से मेजर जनरल अश्वनी शर्मा, पश्चिम कमान के तीन कर्नल, पंजाब रेजिमेंट के ब्रिगेडियर आदित्य मदान, कर्नल आरके भारद्वाज, कर्नल सुखजिंदर सिंह, हरियाणा राज्य सैनिक बोर्ड के सचिव ब्रिगेडियर रंगी, मेजर आनंद, राज्यपाल के एडीसी, 26 पंजाब बटालियन के मेजर श्रीवास्तव, जिला सैनिक बोर्ड के सचिव कर्नल नरेश, 18वीं पंजाब बटालियन के जवान, 102 इंफेंटरी टीए और 12 राष्ट्रीय राइफल के जवानों ने भी शहीद को श्रद्धांजलि दी।
नेताओं ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के कार्यकाल से ही देश में शहीदों के लिए परिवार वालों के लिए कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। उन्हीं के नक्शे कदम पर चलते हुए मोदी सरकार शहीदों व उनके आश्रितों के उत्थान के लिए योजनाएं बनाएगी।