पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ में शिक्षकों की भर्तियों पर लगी रोक कई साल बाद हट गई और तुरंत ही 26 शिक्षकों की भर्तियां निकाल दी गई। नौकरी चाहिए तो डिटेल पढ़ें और आवेदन करें।
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फाइल फोटो
पीयू को संभावना है कि हजारों शिक्षक आवेदन करेंगे। उनके चयन का आधार यूजीसी की गाइडलाइन के मुताबिक होगा। साथ ही पीयू कैलेंडर के प्रावधान का भी पालन करना होगा। 29 जुलाई तक आवेदन करने होंगे। उसके बाद पीयू का चयन बोर्ड आवेदनों को शॉर्टलिस्ट करेगा और फिर साक्षात्कार होंगे।
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शिक्षकों की भर्ती के लिए पीएचडी अनिवार्य मानी गई है। अब पीयू रिस्क नहीं लेना चाहता। बिना पीएचडी के पीयू भर्तियां करेगा तो फिर उसकी रैंकिंग प्रभावित होगी। नेट, स्लेट धारी लोगों को इसमें लाभ मिलेगा। मालूम हो कि निकाली गई रिक्तियां कई विभागों की हैं। पीयू की वेबसाइट पर जाकर रिक्तियां देखी जा सकती हैं। रजिस्ट्रार की ओर से यह रिक्तियां निकाली गई हैं।
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आंकड़ों पर गौर करें तो पीयू में शिक्षकों के लगभग 1500 पद स्वीकृत हैं। इसमें लगभग 800 पद भरे हैं। बाकी 700 पद रिक्त चल रहे हैं। इस वजह से शिक्षकों का कार्य दोगुना हो गया है। इसके साथ ही कोर्स की संख्या बढ़ी तो छात्रों की संख्या में भी इजाफा हुआ, इससे शिक्षकों की और आवश्यकता महसूस होने लगी, लेकिन यूजीसी ने भर्तियों पर रोक लगा रखी थी।
कई बार पीयू ने यूजीसी को पत्र लिखा, लेकिन राहत नहीं मिली। लगातार पीयू की रैंकिंग पिछड़ती जा रही थी। जैसे ही पीयू का कार्यभार वीसी प्रो. राजकुमार ने संभाला तो उन्होंने इस पर काम किया। बताया जाता है कि उन्हीं की बदौलत शिक्षकों को पीएचडी इंक्रीमेंट मिला था और अब भर्तियों पर हरी झंडी दिलाई है। इसका लाभ देश भर के विश्वविद्यालयों को मिला है। वहां भी रिक्तियां भरने के आदेश दे दिए गए।