12वीं के लड़के हर्षित को गूगल में 1.44 करोड़ की नौकरी मिलने की बात का असली सच सामने आया तो सभी चौंक गए थे। अब केस में एक और मोड़ आ गया है, देखिए।
विज्ञापन
2 of 8
12वीं के लड़के को गूगल में 1.44 करोड़ की नौकरी
चंडीगढ़ में सेक्टर-33 स्थित सरकारी स्कूल से 12वीं के छात्र हर्षित को 1.44 करोड़ सालाना पैकेज पर नौकरी से गूगल ने जहां साफ इंकार किया है, वहीं स्कूल प्रिंसिपल इंद्रा बेनीवाल ने इस मामले में चुप्पी साध ली है। इतना ही नहीं, हर्षित का मोबाइल भी बंद है। इसके चलते मामला संदेहास्पद हो गया है। यूटी के डायरेक्टर स्कूल एजूकेशन ने भी इस मामले में संबंधित स्कूल से रिपोर्ट तलब की है।
विज्ञापन
3 of 8
गूगल न्यूज
बता दें कि यूटी शिक्षा विभाग ने विज्ञप्ति जारी कर दावा किया था कि गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल सेक्टर- 33 से 12 वीं पास छात्र हर्षित को गूगल ने चयनित कर 1.44 करोड़ के सालाना पैकेज पर नौकरी का प्रस्ताव दिया है। विज्ञप्ति में दावा था कि चयन 29 जुलाई को किया गया था। अब शिक्षा विभाग स्कूल की जिम्मेदारी बताकर पल्ला झाड़ते हुए रिपोर्ट तलब करने की बात कर रहा है।
4 of 8
गूगल न्यूज
वहीं स्कूल ने चुप्पी साधी हुई है। अब सवाल उठता है कि विज्ञप्ति स्कूल की तरफ से शिक्षा विभाग में भेजी गई थी या शिक्षा विभाग ने अपने स्तर पर इसे जारी किया? वहीं दूसरा सवाल उठता है कि कहीं हर्षित की तरफ से तो गुमराह नहीं किया गया या उसे कोई दूसरा ही सवालों के घेरे में खड़ा कर गया है? डायरेक्टर स्कूल एजूकेशन रूबिंदर जीत सिंह बराड़ ने कहा कि मामले की पूरी जांच होगी।
विज्ञापन
5 of 8
गूगल न्यूज
आखिरी लोकेशन गुड़गांव में थी
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, हर्षित के मोबाइल की आखिरी लोकेशन गुड़गांव में थी। इसके बाद से उसका मोबाइल फोन बंद आ रहा है। गुड़गांव में हर्षित की लोकेशन आने का तो यही मतलब है कि वह गूगल के गुड़गांव स्थित सेंटर में गया होगा।
विज्ञापन
6 of 8
गूगल न्यूज
दूसरी ओर गूगल में 12 लाख मासिक वेतन पर मथाना वासी जिस लड़के को नौकरी मिलने पर परिवार फूले नहीं समा रहा था, उन्हें सच्चाई सामने आने पर जवाब देना भारी पड़ गया। दरअसल गूगल ने इस बात से इंकार किया है कि कुरुक्षेत्र के जिस लड़के की चर्चा भारीभरकम पैकेज पर नौकरी के लिए हो रही है, ऐसे किसी भी लड़के को अभी तक नौकरी नहीं दी गई।
विज्ञापन
7 of 8
गूगल न्यूज
इधर जैसे ही यह समाचार फैला और मीडिया ने परिवार वालों से संपर्क साधना चाहा तो इन्होंने कन्नी काट ली। मोबाइल नंबर स्विच आफ मिले, जबकि परिवार के सदस्य नरेंद्र कुमार ने बताया कि उन्हें भी नहीं पता कि यह कैसे हो गया। यहां बता दें कि नरेंद्र से कंप्यूटर ग्राफिक्स सीखने के बाद बालक ने इस सफलता का श्रेय मेहनत के साथ साथ अपने चाचा को भी दिया था।
उल्लेखनीय है कि गांव मथाना के हर्षित शर्मा पुत्र राजिंद्र शर्मा गूगल को गूगल में नौकरी मिलने की चर्चा पर उसे सम्मानित किया गया था। कार्यक्रम में हर्षित ने बताया था कि फिलहाल शुरुआत में एक साल के लिए उसे ट्रेनिंग पर रखा जाएगा और उसके लिए उसे हर महीना 4 लाख रुपये सैलरी दी जाएगी। ट्रेनिंग खत्म होने के बाद हर्षित को हर महीने 12 लाख रुपये सैलरी मिलेगी।