दुकानों की बात तो क्या करें, आर्मी की कैंटीन में भी अवैध बिलिंग जोर शोर से की जाती है। यकीं नहीं आता तो ये खबर पढ़िए, पता चल जाएगा कि ये धंधा कैसे चलता है।
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illegal billing in army canteen
दरअसल, सेना के अफसरों और जवानों को विभिन्न उत्पादों की उपलब्धता बाजार भाव (एमआरपी) से कम दाम पर करवाने वाली सीएसडी (कैंटीन स्टोर डिपो) की अवैध बिलिंग पर अब शिकंजा कसने वाला है। इन सीएसडी की कार्यप्रणाली पर अब सेना हाईकमान की पैनी नजर रहेगी, ताकि सीएसडी का दुरुपयोग बंद हो सके। इसी कड़ी में सेना हाईकमान ने सभी सीएसडी से पिछले महीनों की बिलिंग एक अगस्त तक तलब कर ली है।
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पचपन फीसदी तक सस्ते उत्पाद मिलते हैं
दरअसल, इन सीएसडी में विभिन्न उत्पाद सेना के जवानों और अफसरों को 55 फीसदी तक कम दामों पर मिलते हैं। बस, इसी वजह से सीएसडी का दुरुपयोग सबसे ज्यादा है। एक अफसर ने बताया कि पिछले दिनों सैन्य हाईकमान के संज्ञान में यह बात समाने आई कि इन सीएसडी की बिलिंग लिमिट से बहुत ज्यादा बाहर जा रही है। खासकर शराब की सेल तो रिकार्ड तोड़ हो रही है। इसी को देखते हुए सेना ने अब इसकी मॉनीटरिंग का फैसला लिया है।
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इस तरह होता है दुरुपयोग
सस्ते उत्पाद के चक्कर में बहुत से सेना के जवान और सेना के अफसर अपने सीएसडी कार्ड पर अत्यधिक माल खरीदते हैं और फिर इस माल की सप्लाई सिविल लोगों को कर दी जाती है। जबकि इसका लाभ केवल सैन्य कर्मियों के लिए ही होता है। पिछले दिनों अंबाला कैंटोनमेंट में सेना की एक विशेष विंग ने सेना के कुछ जवानों को सीएसडी का सामान सिविल की परचून दुकानों पर बेचते भी पकड़ा था। जबकि एक सिविल दुकान से तो सीएसडी का माल भी जब्त किया गया था।
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दरअसल, यह सारा खेल कमीशन के चक्कर में होता था। सबसे ज्यादा खेल शराब की बिक्री में होता है। सीएसडी से सस्ती शराब खरीदकर उसकी सबसे ज्यादा सप्लाई तो सिविल उपभोक्ताओं को जाती है। जबकि सीएसडी से खरीदे गए अत्यधिकउत्पादों की खपत सैन्य कर्मियों के हिस्से दर्ज होती है। इसलिए अब सेना हाईकमान को इसे लेकर अर्लट होना पड़ा है। अब सभी सीएसडी के अफसर इन दिनों क्लोजिंग रिपोर्ट तैयार करने में व्यस्त हैं।
जांच करेगी स्पेशल टीम
इसी पर शिकंजा कसने केलिए सेना हाईकमान ने एक स्पेशल स्क्वॉयड तैयार की है। इसके अंतर्गत टीमें विभिन्न सीएसडी में छापेमारी कर वहां बिलिंग रिपोर्ट चेक करेंगी। सीएसडी के एक मैनेजर के अनुसार सीएसडी में हो रही अवैध बिलिंग रोकने केलिए ये कारगार कदम साबित होगा।