एक जुलाई से देश में जीएसटी लागू हो जाएगा, उसके बाद एक बड़ा काम किया जाएगा। इससे कामकाज आसान होगा और कारोबारियों को भी फायदा होगा।
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दरअसल, सरकारों को जीएसटी के अंतर्गत हर शहर में दो नए कार्यालय बनाने होंगे। कर संबंधी मामलों की डीलिंग और निपटान के लिए हर शहर में अभी आबकारी एवं कराधान का एक ही कार्यालय है। मगर अब न केवल नए कार्यालय स्थापित होंगे, बल्कि उनकी कार्यप्रणाली भी बदल जाएगी। इस संबंध में केंद्रीय शुल्क (ऑडिट) आयुक्त क्षेत्रीय कार्यालय ने हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश सरकार को गाइडलाइंस भेज दी है।
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इसके अंतर्गत एक कार्यालय स्टेट जीएसटी (एसजीएसटी) का होगा और दूसरा सेंट्रल जीएसटी (सीजीएसटी) का होगा। जिस वस्तु का उत्पादन व सर्विस स्टेट जीएसटी के दायरे में आएगी, उसे एसजीएसटी और जो सेंट्रल के दायरे में आएगी, उसे सीजीएसटी कार्यालय डील करेगा। आबकारी एवं कराधान मंत्री कैप्टन अभिमन्यु के अनुसार, हरियाणा में जीएसटी से संबंधित हर गाइडलाइंस का पालन सुनिश्चित कर दिया गया है।
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हालांकि अधिकतर वस्तुओं के उत्पादन और सर्विस पर वसूले जाने वाला टैक्स सेंट्रल गर्वनमेंट के दायरे में आएगा, लेकिन कुछ उत्पाद व सेवाएं ऐसी हैं, जो स्टेट के दायरे में भी रहेंगी। इनमें डीजल और पेट्रोल की खुदरा दुकानों को छोड़कर गैर जीएसटी सामान जैसे पेट्रोलियम क्रूड, हाई स्पीड डीजल, पेट्रोल, प्राकृतिक गैस, एविएशन टरबाइन ईंधन और शराब के प्रबंधन का निरीक्षण, निगरानी व देखभाल शामिल है।
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- फोटो : Demo Pic
राज्य सरकार के अंतर्गत उप-आबकारी एवं कराधान आयुक्त (एक्साइज) द्वारा ही किया जाएगा। इन श्रेणियों के तहत कवर किए गए डीलरों को वर्तमान प्रक्रियाओं और सुविधाओं के अनुसार ई-रिटर्न दाखिल करना, टैक्स की ई-अदायगी और अन्य अदायगियां करना जारी रखना होगा। कारोबारी व उद्यमी अब सुविधानुसार दोनों अलग-अलग कार्यालयों में जाकर डील और हर काम ऑनलाइन करेंगे।