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GST का सबसे बड़ा झटका इन 3 इंडस्ट्री को लगेगा, लोगों के लिए भी बुरी खबर है

Wed, 21 Jun 2017 09:12 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
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जीएसटी
जीएसटी एक जुलाई से लागू तो होने जा रहा है, लेकिन इसका सबसे बड़ा झटका तीन उद्योगों को लगेगा और इसका खामियाजा लोगों को भी भुगतना होगा।
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gst give employment
दरअसल, जीएसटी के कारण कपड़ा उद्योग, प्लाईवुड और साइंस उपकरण उद्योग गहरे संकट में फंसने वाले हैं। कपड़ा उद्योग पर 5 फीसदी, प्लाइवुड उद्योग पर 28 फीसदी और साइंस उपकरण पर 18 फीसदी कर की मार पड़ने वाली है। यही वजह है कि तीनों क्षेत्रों के कारोबारी परेशान हैं और आंदोलन के मूड में हैं।
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gst give employment
केंद्रीय वित्त मंत्रालय के अधीनस्थ जीएसटी काउंसिल ने हरियाणा प्लाइवुड मैन्युफैक्चरर एसोसिएशन की अपील नामंजूर करते हुए इस उद्योग को बड़ा झटका दिया है। यह इंडस्ट्री अब 28 फीसदी टैक्स के दायरे में ही रहेगी। इससे जहां प्लाइवुड खासा महंगा हो जाएगा, वहीं कारोबार पर भी इसका बड़ा विपरीत असर पड़ेगा। प्रदेश में प्लाइवुड का बड़ा कारोबार है।

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GST
यमुनानगर में इसकी सबसे ज्यादा करीब 350 इकाइयां हैं और इसका सालाना टर्नओवर 3400 करोड़ से अधिक है। यहां पापुलर और सफेदा की लकड़ी से प्लाइवुड तैयार की जाती है और इसकी सप्लाई विभिन्न शहरों व राज्यों में की जाती है। अब तक यह इंडस्ट्री एक्साइज व वैट के दायरे में आती थी, लेकिन जीएसटी में प्लाइवुड को 28 फीसदी टैक्स स्लैब में रखा गया है।

 
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जीएसटी ‌‌ब‌िल
इसके खिलाफ हरियाणा प्लाइवुड मैन्युफैक्चरर एसोसिएशन ने जीएसटी काउंसिल में अपील दायर की थी। इसमें एसोसिएशन ने मांग रखी थी कि प्लाइवुड पर 28 फीसदी टैक्स तर्कसंगत नहीं है। उनकी मांगी थी कि जीएसटी काउंसिल इस पर पुनर्विचार करे और इसे 18 फीसदी के दायरे में ले आए, लेकिन जीएसटी काउंसिल ने एसोसिएशन की इस अपील को नामंजूर कर दिया है।
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जीएसटी
एसोसिएशन के चेयरमैन देवेंद्र चावला ने बताया कि इसका सीधा असर क्रेता पर पड़ेगा, क्योंकि अब प्लाइवुड के रेट बहुत ज्यादा बढ़ने वाले हैं। दूसरा, इससे कारोबार भी प्रभावित होगा। उनके अनुसार इस बारे में जल्द वित्तमंत्री से मिलने की योजना है और कर स्लैब कम करवाने के लिए संघर्ष भी जारी रहेगा।
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GST BILL
हरियाणा क्लाथ ट्रेडर्स फेडरेशन के प्रधान दिनेश ग्रोवर ने बताया कि अंबाला में उतर भारत की बड़ी थोक कपड़ा मंडी है, जबकि अन्य जिलों में भी कपड़ा कारोबार है। अभी तक कपड़ा टैक्स के दायरे से बाहर था, लेकिन इस पर भी जीएसटी लगेगा, जो कि बड़ी विडंबना है।
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gst
दूसरी ओर, प्रदेश का साइंस उद्योग भी आर्थिक संकट में घिरने वाला है। हरियाणा में साइंस, रिसर्च और मेडिकल उपकरणों का देश-विदेश में बड़ा बाजार है। अब तक यह उपकरण पांच फीसदी टैक्स के दायरे में थे, लेकिन अब जीएसटी में इन उपकरणों को 18 फीसदी टैक्स स्लैब में रखा गया है। असीमा के पूर्व प्रधान राकेश गुप्ता, अश्वनी गोयल व रमेश नागपाल के अनुसार साइंस इंडस्ट्री बड़े आर्थिक संकट से घिरने वाली है।
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