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गीता जयंती: ब्रह्मसरोवर तट पर दिख रहे भारतीय कला के नमूने, तस्वीरें

Sat, 10 Dec 2016 12:15 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कुरुक्षेत्र(हरियाणा)
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International Gita Jayanti Festival 2016
अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव में विभिन्न राज्यों से आए शिल्पकार, कलाकार व पर्यटकों के चलते भारतीय कला का बेजोड़ नमूना देखने को मिल रहा है।
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International Gita Jayanti Festival 2016
ब्रह्मसरोवर तट पर देश के कोने-कोने से आने वाले पर्यटकों की भीड़ भी लगातार बढ़ रही है। ये पर्यटक विभिन्न राज्यों की कला का आनंद ले रहे हैं। वहीं अभी तक खरीददारी अधिक न हो पाने से मायूस शिल्पकारों के चेहरों पर भी पर्यटकों की बढ़ी भीड़ को देख रौनक दिखाई पड़ने लगी है। हालांकि अभी तक शिल्पकारों की आशा के अनुसार कारोबार नहीं हो पाया है, लेकिन माना जा रहा है कि कारोबार करोड़ों में हो चुका है। 
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International Gita Jayanti Festival 2016
थानेसर विधायक सुभाष सुधा ने कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों से ही इस बार महोत्सव में रिकार्ड तोड़ पर्यटक पहुंचे हैं। पर्यटकों के जोश को देखकर अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव अपने वास्तविक स्वरूप में पहुंच गया हैं। इस महोत्सव के हर क्षण को ऐतिहासिक और यादगार बनाने के प्रयास किए गए हैं। महोत्सव में इस बार करीब 11 लाख की संख्या में पर्यटक पहुंच चुके हैं और 11 दिसंबर तक पर्यटकों का आना जारी रहेगा। 
 

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International Gita Jayanti Festival 2016
स्कूली बच्चों ने बढ़ाई महोत्सव की रौनक
महोत्सव के अंतर्गत शिल्प व सरस मेले की रौनक प्रदेश भर के स्कूली बच्चे भी बढ़ा रहे हैं। सरकारी व निजी स्कूलों के बच्चों की संख्या ब्रह्मसरोवर तट पर पिछले दो दिनों से लगातार बढ़ रही है। वे जहां विभिन्न राज्यों की शिल्प कला से परिचित हो रहे हैं वहीं विभिन्न सांस्कृतिक कलाओं में निहारने व जानने में भी रुचि दिखा रहे हैं। 
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International Gita Jayanti Festival 2016
पवित्र ग्रंथ गीता और कुरान में मोहब्बत, अमन व शांति का संदेश निहित है। कुरान ही नहीं, बल्कि किसी भी धर्म की शिक्षा कट्टरवाद, आतंकवाद और मार-काट का संदेश नहीं देती। इसी मोहब्बत और अमन के संदेश को लेकर सभी धर्मों के प्रतीक माने जाने वाले गीता जयंती समारोह में अमादिया मुस्लिम जमात इंडिया के अनुयायी पहुंचे हैं। जबकि पहली बार मुस्लिम समुदाय के लोगों ने करीब एक दर्जन से ज्यादा स्टाल क्राफ्ट मेले में लगाए हैं और सिख समुदाय के लोगों ने भी दर्जनों खूब स्टाल लगाए हैं। जिससे यह समारोह हिंदु, मुस्लिम और सिख समुदाय की एकता का प्रतीक बन गया है।  
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International Gita Jayanti Festival 2016
बटाला के गांव कादियान से पहली बार मुबारक शाह कुरान की शिक्षा को जन-जन तक पहुंचाने के लिए यहां पहुंचे हैं। मुबारक शाह ने अपने साथी मोहम्मद आरिफ के साथ मिलकर क्राफ्ट मेले में पुस्तक का स्टाल भी लगाया है। अहमइय्यि मुस्लिम जमाअत भारत के अनुयायी मुबारक शाह और मोहम्मद आरिफ ने बताया कि कुरुक्षेत्र उत्सव गीता जयंती समारोह के बारे में पहली बार सुना और यह सुनते ही अपने आप को रोक नहीं पाए।
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