सरकारी स्कूलों की आजकल जो हालत है उसे देखते हुए इस स्कूल की बेटियों की उपलब्धि किसी नजीर से कम नहीं है। देखिए इन बेटियों ने ऐसा क्या किया है...
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एक सरकारी स्कूल ऐसा भी
कैथल के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कांगथली की लड़कियों ने पिछले शैक्षणिक सत्र में राष्ट्रीय स्तर तक हैंडबाल खेलकर करीब 40 लाख रुपये की इनाम राशि जीती है। स्कूल के डीपीई विजय कुमार के नेतृत्व में गांव की करीब 80 लड़कियां हैंडबाल खेलती हैं। इन्होंने पिछले पांच सालों में करीब 90 लाख रुपये से ज्यादा की इनाम राशि जीतकर अपनी और माता-पिता की जिंदगी को आसान बनाया है। इनमें से कइयों के माता-पिता मेहनत मजदूरी करके परिवार का भरण पोषण करते हैं।
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वर्ष 2010 में गांव के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में लड़कियां केवल पढ़ने आतीं थीं। इनमें से कई ऐसे परिवार से हैं जिन्हें जूते, चप्पल और वर्दी तक खरीदने में परेशानी होती थी। इसी साल स्कूल में डीपीई विजय कुमार की नियुक्ति हुई। विजय कुमार ने पानी से भरे क्षेत्र को स्कूल के मैदान के रूप में विकसित कराया और लड़कियों को हैंडबाल का प्रशिक्षण देना शुरू किया। छोटी कक्षाओं से शुरू हुआ प्रशिक्षण 12वीं कक्षा तक पहुंचते-पहुंचते कई बेटियों के जीवन को संवार गया। अब हालात यह हैं कि 80 से ज्यादा लड़कियां सुबह-शाम हैंडबाल का प्रशिक्षण लेती हैं। दो लड़कियां कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की टीम में जगह बना चुकी हैं।
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इनकी उड़ान रही लाखों में
पिछले साल राष्ट्रीय टीम में खेलते हुए गोल्ड मेडल हासिल करने पर 12वीं कक्षा की परीक्षा दे चुकी काजल ने 3 लाख 72 हजार, शीतल ने 3 लाख 15 हजार, बेबी ने 3 लाख 72 हजार, डीएन कॉलेज कुरुक्षेत्र की बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा सुनहरी ने करीब 3 लाख, इसी कॉलेज में पढ़ रही जसविंदर कौर ने 1.60 लाख और दसवीं की छात्रा ममता ने 3 लाख 72 हजार रुपये की इनाम राशि जीती।
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इन्होंने भी हासिल की इनाम राशि
निर्मला, आरती, शिमला, रजनी, अंजू, कोमल ने नेशनल लेवल पर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान पर रही टीमों में खेलकर 80-80 हजार, जसविंद्र कौर, शीतल, ज्योति, संजना, रेखा ने हरियाणा सरकार की फेयर प्ले योजना के तहत 48-48 हजार, रेश्मा, जसविंद्र कौर, बेबी, संजीव, कोमल, ममता, सुनीता, नीलम, सुनहरी, गीता, सपना, कृष्णा, सपना, मीना, नीरज, अनीता, काजल, नवनीत, रेखा व बेबी ने 42-42 हजार राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में द्वितीय रहने पर, श्रुति ने 2013-14 में 1.60 लाख रुपये की इनाम राशि जीती। इसके अलावा कई बेटियों ने 7, 18, 21, 30 हजार रुपये की इनाम राशि जीती है। पिछले पांच सालों में करीब 90 लाख रुपये से अधिक राशि बेटियां जीत चुकी हैं।
माता-पिता करते हैं दिहाड़ी
तकरीबन सभी बेटियां जरूरतमंद परिवारों ताल्लुक रखती हैं। अधिकतर के माता-पिता खेतों सहित आसपास के इलाके में मजदूरी करते हैं। बेटियों ने इनाम राशि जीतकर परिवारों में खुशियां लाई हैं। कई बेटियों ने इनाम राशि से स्कूटी तक खरीदी है।
पिता का साया उठ गया पर हार नहीं मानी
बेबी की मां देविंदर कौर ने बताया कि उनके पति की मौत बेबी के जन्म से पहले हो गई थी। उनकी दो बेटियां हैं। वह घरों में झाड़ू-पोंछा लगाकर अपना घर चलाती हैं। बेबी ने 3.72 लाख रुपये की इनाम राशि जीती है। बड़ी बेटी ने 30 हजार रुपये की राशि जीती है। बेबी ने बताया कि राज्य स्तर पर जीतने पर जो राशि मिली है, उसे पढ़ाई पर खर्च करेगी।