लुधियाना में अमोनिया गैस के रिसाव से मारे गए सतपाल मकोल ने अपनी जान देकर अपने साथ काम करने वाले 25 लोगों की जान बचा ली। देखिए और सेल्यूट कीजिए।
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अपनी जान दे 25 जिंदगियां बचा गए सतपाल
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लोगों को वर्कशॉप से बाहर निकालने के लिए गए लवली स्वीट शॉप के मालिक सतपाल गैस चढ़ने से वर्कशॉप के बाहर ही बेहोश होकर गिर गए। उनका बेटा विनीत पिता को बचाने के लिए आया तो उसकी तबीयत भी खराब हो गई, लेकिन उसने अपने पिता को वहां से निकाला और उन्हें अस्पताल पहुंचाया। अपोलो अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने सतपाल को मृत घोषित कर दिया।
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विनीत ने बताया कि वह दुकान बंद कर नौ से दस बजे के बीच में घर आ जाते हैं। आते समय सब वर्कर वर्कशॉप के अंदर ही रहते हैं और बाहर से उसे ताला लगा होता है। शुक्रवार देर रात गैस लीक होने लगी। जब गैस का प्रभाव दुकान तक पहुंचा तो तबीयत खराब होने पर वर्करों ने उनके पिता को फोन किया। वह तुरंत दुकान के लिए निकल पड़े।
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पिता को अकेले जाते देख वह भी उनके पीछे भागे। सतपाल जब दुकान पर पहुंचे तो उन्होंने ताला तोड़ा और वर्करों को बाहर निकाला। उन्होंने सब वर्करों का नाम लेकर उन्हें बाहर निकाला। आखिर में जब वे खुद वहां से लौटने लगे तो बेहोश होकर वहीं गिर पड़े। वर्करों के साथ पिता को न देख वे उनकी तलाश में गए तो देखा सतपाल जमीन पर गिरे पड़े थे। उन्होंने तुरंत अपने पिता को उठाया और निजी अस्पताल ले गए।
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गौरतलब है कि दोराहा में शुक्रवार देर रात अमोनिया गैस से भरा टैंकर पुल के नीचे से गुजरते समय फंस गया। इसे निकालने की कोशिश में टैंकर का एक ढक्कन टूट गया और गैस का रिसाव होने लगा। गैस की चपेट में आने से कुल पांच लोगों की मौत हो गई जबकि 190 लोग बीमार हो गए।
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सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिनमें से 80 को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है।
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दोराहा मार्केट के पास स्थित एक कनफेक्शनरी के मालिक विजय कुमार के पास खड़े कुछ लोग बेहोश होने लगे तो उन्हें मामला समझ में आया। विजय ने तुरंत दुकान बंद की और पूरे इलाके को सूचित किया। लोग सुरक्षित स्थानों की तरफ भागे। कुछ लोगों ने गुरुद्वारा कटाणा साहिब और मंजी साहिब गुरुद्वारा में शरण ली।
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राड़ा साहिब की तरफ से 22 टन अमोनिया गैस से भरा टैंकर माछीवाड़ा जा रहा था। लुधियाना-दिल्ली हाईवे पर दोराहा पुल के नीचे से गुजरते समय टैंकर का ढक्कन पुल में फंस गया। ड्राइवर ने उसे आगे ले जाने की कोशिश की तो ढक्कन टूट गया और गैस लीक हो गई। इससे टैंकर के पास खड़े लोग बेहोश होने लगे।
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सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया। बेहोश पड़े लोगों को एंबुलेंस की मदद से विभिन्न अस्पतालों में दाखिल कराया। एडीसी अजय सूद ने पांच लोगों की मौत होने की पुष्टि की है।
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पुलिस ने ट्रैफिक को भी समराला की तरफ घुमाया। एनडीआरएफ की टीम भी पहुंच चुकी थी। सूचना मिलने के बाद दमकल विभाग की सात गाड़ियां मौके पर पहुंची। उन्होंने तुरंत टैंकर और उसके आसपास के एरिया में पानी का छिड़काव किया, ताकि गैस का प्रभाव कुछ कम हो। सुबह करीब साढ़े पांच बजे गैस का प्रभाव कम हुआ।
गैस इतनी जहरीली थी कि आस-पास लगे पेड़ों के पत्ते तक जल गए। वहां से गुजरने वाले लोगों को जब गैस चढ़ी तो वह भी अपनी गाड़ियां वहीं छोड़कर फरार हो गए। रिसाव शुरू होते ही ड्राइवर और उसके साथी टैंकर छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने आरोपी ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।