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देखिए वो शख्स, जिसकी वजह से गौंडर जैसे खूंखार गैंगस्टर का एनकाउंटर कर पाई पुलिस

Wed, 31 Jan 2018 10:26 PM IST
भारत भूषण मित्तल/अमर उजाला, बठिंडा
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Gangsters Vicky Gounder, Prema Lahoriya shot dead
विक्की गौंडर के साथ उसके अपने ही दोस्त ने गद्दारी की और उसका एनकाउंटर करवा दिया। पाकिस्तान जाने की तैयारी में था गैंगस्टर, पढ़ें 10 बड़े खुलासे...
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Gangsters Vicky Gounder, Prema Lahoriya shot dead
सुखप्रीत बुड्ढा ने पुलिस को बताया गौंडर के बारे में
गैंगस्टर विक्की गौंडर बीते तीन दिनों से पंजाब-राजस्थान बार्डर के गांव हिंदूमल कोट के खेतों में बने एक घर में अपने दोनों साथी प्रेमा लाहौरिया और सुखप्रीत बुड्ढा के साथ रह रहा था। खुफिया सूत्रों ने बताया कि गौंडर ने लाहौरिया के साथ एक-दो दिन में ही पाकिस्तान जाना था। उससे पहले ही गौंडर के साथी सुखप्रीत ने उससे गद्दारी करते हुए पंजाब पुलिस को सूचना दे दी।
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आतंक का अंत - फोटो : Amar Ujala
पुलिस की गोलीबारी में खुद भी मारा गया सुखप्रीत
इसके बाद शुक्रवार शाम को चंडीगढ़ से पंजाब पुलिस की एक टीम विशेष तैयारी के साथ उक्त गांव के खेतों में बने घर के अंदर पहुंची। वहां पर गौंडर और उसके साथियों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी और बाहर की ओर भागने लगे। वहीं पुलिस ने गौंडर और लाहौरिया को तो मौके पर ही गोलियां मारकर ढेर कर दिया, जबकि उनका साथी सुखप्रीत गंभीर घायल हो गया था। उसने रास्ते में दम तोड़ दिया।

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Gangsters Vicky Gounder, Prema Lahoriya shot dead
सुक्खा की हत्या का बदला लेने के लिए की गौंडर से की गद्दारी
विक्की गौंडर को मरवाने में उसके ही साथी सुखप्रीत का अहम हाथ बताया जा रहा है। क्योंकि सुक्खा का सुखप्रीत से काफी नजदीकी थी। गौंडर ने गैंगस्टर सुक्खा काहलवां को पुलिस कस्टडी में मार दिया था। काहलवां की हत्या के बाद सुखप्रीत गौंडर के गैंग में शामिल हो गया था। वह काहलवां की हत्या का बदला लेने के लिए गौंडर के साथ मिला और ऐसे मौके की ताक में था। उसको मौका नहीं मिला तो उसने पंजाब पुलिस को सूचना देकर गौंडर का एनकाउंटर करवा दिया। 
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Vicky Gounder killed
पाकिस्तान जाकर आईएसआई से जुड़ना चाहता था गौंडर
सूत्रों ने बताया कि विक्की गौंडर ने पाकिस्तान जाकर आईएसआई के साथ मिलकर सबसे पहले कांग्रेस नेताओं को अपना निशाना बनाना था। इसके लिए गौंडर की पाकिस्तान में बैठे आईएसआई के कुछ बडे़ लोगों से व्हाट्सएप पर बात हो गई थी। इसके बाद उसने पंजाब में अपने विरोधियों को निशाना बनाना था। सूत्रों के अनुसार गौंडर और लाहौरिया की सहायता पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी कर रही थी।
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Vicky Gounder Killed
गौंडर का करीबी बन गया था प्रेमा लाहौरिया
नाभा जेल ब्रेक करवाने में सबसे अहम रोल गैंगस्टर प्रेमा लाहौरिया का रहा था। उसने गौंडर का अहसान चुकाने के लिए उसके साथ यह काम किया। इसके बाद लाहौरिया अपने साथी गौंडर का करीबी और विश्वसनीय बन गया था। गौंडर कहीं भी जाता था तो साए की तरह लाहौरिया उसके साथ ही रहता था। दोनों के पास विदेशी नाइन एमएम के पिस्टल हर समय लोडेड रहते थे। गौंडर और लाहौरिया बीते कुछ दिनों से राजस्थान में ही रह रहे थे और वहीं पर सुखप्रीत उनके पास पंजाब से गया था।
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Gangsters Vicky Gounder, Prema Lahoriya shot dead
बीएसएफ में भर्ती होना चाहता था विक्की गौंडर
27 वर्षीय विक्की गौंडर बीएसएफ में भर्ती होना चाहता था। उसके फूफा भी बीएसएफ में थे। उनके प्रयासों और बीएसएफ के लिए सिलेक्शन के लिए तैयारी कराने के चलते वह फरीदकोट में हुए इंटरव्यू में चुन भी लिया गया था। उस समय बीएसएफ की ओर से उसे तुरंत ज्वाइन करने की बात कही गई, विक्की अपने गांव में से कपड़े लेकर आने की बात कह चला गया, मगर दोबारा नहीं गया। उन्होंने बताया कि पता नहीं बाद में अचानक उसे क्या हो गया।

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Gangsters Vicky Gounder, Prema Lahoriya shot dead
विक्की और प्रेमा नहीं रखते थे मोबाइल
विक्की गौंडर और उसका साथी प्रेमा लाहौरिया कभी भी मोबाइल नहीं रखते थे। वह दोनों मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करते थे। यही वजह है कि इतने लंबे समय से दोनों पुलिस की ओर ट्रेस नहीं किए जा रहे थे। उनका तीसरा साथी सुखप्रीत जो हाल ही में उनके गैंग में शामिल हुआ था, शायद वह मोबाइल का इस्तेमाल करता था। उसकी लोकेशन ट्रेस कर पुलिस ने उन्हें मार गिराया।
 

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गैंगस्टर विक्की गौंडर
बंटवारे के समय पाक से भारत आ बसे थे विक्की के पूर्वज
मलूका नहर के पास गांव सरावां बोदला में विक्की गौंडर का पैतृक निवास है। गौंडर के पूर्वज बंटवारे के समय पाक के लाहौर जिले के गांव बीदल से आकर यहां बस गए थे। शनिवार को विक्की गौंडर के निवास पर मातम का माहौल बना हुआ था। विक्की गौंडर के ताऊ गुरदेव सिंह ने बताया कि 27 वर्षीय विक्की गौंडर का पूरा नाम हरजिंदर सिंह था। गुरदेव सिंह के अनुसार वह कुल छह भाई थे और सभी एक ही छत के नीचे रहते थे। मगर विक्की की हरकतों से तंग आकर उन्हें अपने भाई और विक्की के पिता महल सिंह के परिवार से मजबूरन अलग होकर रहना पड़ा।

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Vickey Gounder
किसी के लिए हीरो, किसी के लिए विलेन था गौंडर
विक्की गौंडर के एनकाउंटर के बाद दिन भर सोशल मीडिया पर जहां शेरा खुब्बन ग्रुप के सदस्यों ने विक्की गौंडर को हीरो के रूप में पेश किया। वहीं सुक्खा काहलवां ग्रुप ने उसे विलेन दर्शाया। गौंडर के शेरा खुब्बन ग्रुप से जुड़े फैन इसे उनके लिए कभी न पूरा होने वाला घाटा बता रहे थे। वहीं सुक्खा काहलवां ग्रुप से जुड़े फेसबुक यूजर्स उसे विलेन की तरह दर्शा रहे थे।
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Vicky Gounder Sarawan Bodla
गौंडर कार तक चलाना नहीं जानता था
गौंडर को ड्राइविंग नहीं आती थी, मगर रोमी के संपर्क में आने के बाद यह हाईटेक हो गया था। रोमी विक्की को विदेश से साइप्रस, जर्मनी, गल्फ कंटरी के इंटरनेशनल सिम कार्ड भेजता था, जिससे गौंडर पंजाब और इंडिया में अपना गैंग ऑपरेट करता था। वह नाभा जेल ब्रेक के बाद साइप्रस भागना चाहता था। इसके लिए वह फर्जी पासपोर्ट बनवाने के लिए मोगा गया था। लेकिन हॉस्पिटल में मेडिकल करवाने गया तो डॉक्टर ने पहचान लिया, जिससे वह वहां से भाग निकला था। इसके बाद गौंडर ने नवंबर में फर्जी पासपोर्ट के जरिए सिंगापुर भी निकलना था।
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