ये गैंगस्टर फिल्मों में दिखने वाले गैंगस्टरों से भी खतरनाक था, इसकी दहशत ऐसी थी कि चुनाव हुए तो डर कर लोगों ने इसे गांव का सरपंच बना दिया था, पढ़िए इसकी कहानी और एनकाउंटर की असली तस्वीरें...
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इनामी बदमाश सुरेंद्र ग्योंग का एनकाउंटर
हम बात कर रहे हैं सुरेंद्र ग्योंग की। हरियाणा, पंजाब, यूपी और दिल्ली में आतंक का पर्याय बन चुके इनामी बदमाश सुरेंद्र ग्योंग को करनाल पुलिस ने शनिवार को लगभग दो घंटे तक चली मुठभेड़ के बाद ढेर कर दिया। बदमाश की गाड़ी से पुलिस की वर्दी, दिल्ली पुलिस के सब इंस्पेक्टर का आईडी कार्ड व बेल्ट आदि बरामद किए गए हैं।
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इसके अलावा दो पिस्टल और 50 राउंड कारतूस बरामद किए गए हैं। बदमाश के खिलाफ पुलिस पर फायरिंग, हत्या का प्रयास व आर्म्स एक्ट के तहत असंध थाना में केस दर्ज किया गया है। पूरे ऑपरेशन के दौरान कैथल पुलिस भी साथ रही। अहम बात यह है कि बदमाश ने अपना भेष बदला हुआ था और उसने सिर पर पुलिस की खाकी पगड़ी और ब्राउन जूते पहने हुए थे।
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इनामी बदमाश सुरेंद्र ग्योंग का एनकाउंटर
करनाल के एसपी जेएस रंधावा ने पत्रकारों को बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी पैरोल से फरार 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश सुरेंद्र ग्योंग असंध के गांव राहड़ा में देखा गया है। इसके बाद, दोपहर 12 बजे करनाल सीआईए वन की टीम इंचार्ज बिजेंद्र सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने राहड़ा में नाकाबंदी कर दी। जैसे ही पुलिस की टीम पंघाला रोड पर खड़ी होंडा सिटी गाड़ी के पास पहुंची तो सुरेंद्र ग्योंग ने पुलिस पर फायरिंग कर दी और गाड़ी दौड़ाकर गांव की तरफ कर ली।
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टीम ने उसका पीछा किया और पुलिस ने बदमाश पर जवाबी फायरिंग की। गाड़ी चलाते हुए ग्योंग भी फायरिंग करता रहा। इस दौरान सुरेंद्र ग्योंग के एक हाथ में गोली लग गई, जिससे वह जख्मी हो गया। रास्ते में उसकी गाड़ी निर्माणाधीन पुली पर नहीं चढ़ पाई तो वह गाड़ी से नीचे उतर कर दोनों हाथों में पिस्तौल लेकर गांव की गलियों में घुस गया। इस दौरान दोनों तरफ से करीब दो दर्जन बार फायरिंग की गई। करीब दो घंटे तक चले ऑपरेशन में दोपहर दो बजे पुलिस ने बदमाश को ढेर कर दिया।
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बाद में कैथल के एसपी सुमेर प्रताप सिंह और करनाल के एसपी जेएस रंधावा ने भी घटनास्थल का मुआयना किया। साथ ही एफएसएल की टीम ने मौके से नमूने भी लिए। शव को असंध के सामान्य अस्पताल में सुरक्षा के बीच रखवाया गया। एसपी जेएस रंधावा ने बताया कि ग्योंग के खिलाफ असंध थाने में हत्या के प्रयास व आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। गौरतलब है कि कांग्रेस के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने भी हाईकोर्ट में याचिका लगा ग्योंग से जान का खतरा बताकर सुरक्षा की मांग की थी।
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ग्योंग पर 37 केस दर्ज
गौरतलब है कि हत्या के मामले में झज्जर जेल में बंद सुरेंद्र ग्योंग 23 मई, 2016 को अपने घर की मरम्मत करने के लिए पैरोल पर आया था, लेकिन इसके बाद वह फरार हो गया था। इस मामले में हरियाणा पुलिस ने एसआईटी का गठन किया था। एसपी करनाल ने बताया कि सुरेंद्र ग्योंग पर कुल 37 केस दर्ज हैं। इनमें से 26 मामले अकेले कैथल जिले के हैं, 4 कुरुक्षेत्र, दो जींद और एक एक मामला हिसार व करनाल के हैं। इनमें से 7 मामले हत्या के हैं। इसके अलावा, हत्या के प्रयास, पुलिस पर फायरिंग, फिरौती व लूट समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज हैं। ग्योंग को हरियाणा समेत यूपी, पंजाब व दिल्ली में मोस्टवांटेड घोषित किया हुआ था। हरियाणा पुलिस ने इस पर 50 हजार रुपये इनाम भी रखा हुआ था।
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दहशत में बना दिया था गांव का सरपंच
सुरेंद्र ग्योंग का गांव में इतना खौफ था कि लोगों ने उसे जेल के अंदर बैठे बैठे ही सरपंच चुन दिया था। 2005 में हुए पंचायत चुनाव में सुरेंद्र गांव का सरपंच रहा। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि उसकी गांव में कितनी दहशत थी। गांव में किसी भी व्यक्ति ने उसके सामने सरपंच बनने की कोशिश नहीं की।
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आईकार्ड पर लिखा है सुरेंद्र शयोराण
मुठभेड़ के दौरान बरामद की गई होंडा सिटी गाड़ी में से दिल्ली पुलिस की वर्दी बरामद की गई है। इस पर दो स्टार लगे हैं। इसके साथ ही पुलिस ने पुलिस का आईकार्ड और बेल्ट भी बरामद किए हैं। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि पुलिस कार्ड पर नाम सुरेंद्र श्योराण लिखा हुआ है। फोटो धुंधला हुआ है। इसके साथ ही ग्योंग ने जो जूते पहने हुए थे, वे पुलिस के थे। पुलिस की जांच में सामने आया है कि यह गाड़ी राजस्थान के जिले अलवर के तिजारा से खरीदी गई थी और इस पर राजस्थान का अस्थायी नंबर है।
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ग्योंग के गैंग में 49 गुर्गे, 13 जेल में बंद
पुलिस सूत्रों ने बताया कि सुरेंद्र ग्योंग की गैंग में कुल 49 गुर्गे हैं। इसमें से 13 गुर्गे इस समय जेलों में बंद हैं। गैंग के तीन सदस्यों को व्यापारी नरेंद्र अरोड़ा की हत्या के बाद फरारी उपरांत पुलिस पहली बार दक्षिण अफ्रीका से रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने के बाद गिरफ्तार करके लाई थी। अफ्रीकी पुलिस ने उन्हें हरियाणा पुलिस की सूचना पर गिरफ्तार किया था। दक्षिण अफ्रीका से उन्हें भारत प्रत्यर्पित किया गया था। इन तीन सदस्यों में सुरेंद्र ग्योंग का भाई जोगेंद्र ग्योंग, बलजीत ऊर्फ जीता व कैथल का एक अन्य युवक शामिल था। इसके अलावा गैंग के गुर्गों की गैंगवार में भी मुठभेड़ में मौत हुई थी।
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पिछले साल बाल-बाल बच गया था
गत 31 अगस्त 2016 को सुरेंद्र ग्योंग अपने साथियों सहित कैथल में डा. सूद से फिरौती वसूलने के लिए आया था। उस समय पुलिस ने लोगों के सहयोग से एक युवक को काबू कर लिया था। लेकिन पुलिस की वर्दी में सुरेंद्र ग्योंग के साथियों की नेशनल हाइवे पर प्यौदा रोड के निकट पुलिस टीम के साथ मुठभेड़ हुई थी। इसमें ग्योंग बाल-बाल बच गया था। पुलिस ने उस समय खुलासा किया था कि वह पुलिस की वर्दी में रहता है।
हरियाणा का कुख्यात गैंगस्टर पुलिस मुठभेड़ में मारा गया
- फोटो : अमर उजाला
सुरजेवाला की वाई श्रेणी सुरक्षा वापस ले सरकार : राव सुरेंद्र
कैथल। भाजपा नेता एवं प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य राव सुरेंद्र सिंह ने कहा कि गैंगस्टर सुरेंद्र ग्योंग की पुलिस एनकाउंटर में मौत होने के बाद कैथल विधायक एवं कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला को कोई खतरा नहीं है। हालांकि, उनकी जान को खतरा पहले भी नहीं था, लेकिन उन्होंने हाईकोर्ट में बताया था कि उन्हें ग्योंग से जान का खतरा है। इस पर अदालत ने ग्योंग का रिकार्ड देखते हुए सुरजेवाला को वाई-श्रेणी की सुरक्षा उपलब्ध करवाने के आदेश दिए थे। राव ने मांग की है कि अब ग्योंग का पुलिस ने एनकाउंटर कर दिया है तो सुरजेवाला की जान को कोई खतरा नहीं रहा है। अब उनकी वाई-श्रेणी की सुरक्षा वापस ले लेनी चाहिए।