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चंडीगढ़ में मृत मिले चार पक्षी, पर्यावरण विभाग में हड़कंप, ऐसे हो रही परिंदों की निगरानी

Wed, 06 Jan 2021 08:37 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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सुखना लेक से मृत पक्षियों को निकाला गया। - फोटो : अमर उजाला ( सभी फोटो- करूण शर्मा)
कई राज्यों में बर्ड फ्लू ने दस्तक दे दी है। इसके बाद से चंडीगढ़ प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। बुधवार को पर्यावरण विभाग को सुखना लेक के पास चार पक्षी मृत मिले। इनमें बगुला, कौआ और कबूतर शामिल हैं। विभाग ने इन पक्षियों के नमूने जालंधर स्थित क्षेत्रीय रोग निदान प्रयोगशाला में जांच के लिए भेज दिया है। अब रिपोर्ट का इंतजार है। मंगलवार को भी सुखना के रेगुलेटरी एंड पर एक पक्षी मृत मिला था। 
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- फोटो : अमर उजाला
पक्षियों की मौत की खबर से पर्यावरण विभाग में हड़कंप मच गया है। चंडीगढ़ के मुख्य वन संरक्षक देबेंद्र दलाई और उप वन संरक्षक डॉ. अब्दुल क्यूम भी बुधवार को सुखना संरक्षित जंगल एरिया पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया और कर्मचारियों को कई निर्देश जारी किए। इसके अलावा बुधवार को भी शहर के पशु चिकित्सा विभाग ने सुखना लेक व शहर के विभिन्न पोल्ट्री फॉर्म से नमूने एकत्रित किए। प्रशासन के कई विभाग बर्ड फ्लू को लेकर सतर्क हैं और एक साथ मिलकर कार्य कर रहे हैं। इनमें पर्यावरण विभाग, पशुपालन विभाग और पशु चिकित्सा विभाग शामिल हैं। इसके अलावा एक टीम का भी गठन किया गया है जो शहर के विभिन्न हिस्सों से नमूने एकत्रित कर रही है। 
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- फोटो : अमर उजाला
पशुपालन विभाग के सचिव ने की बैठक, निगरानी बढ़ाने के दिए आदेश
यूटी प्रशासन के पशुपालन और मत्स्य पालन विभाग के सचिव सरप्रीत सिंह गिल ने बताया कि विभाग बर्ड फ्लू के खतरे को लेकर पूरी तरह से सतर्क है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्थिति पर बारीकी से नजर रखने के आदेश दिए हैं। सरप्रीत सिंह गिल ने बताया कि उन्होंने बर्ड फ्लू के खतरे को देखते हुए पशुपालन और मत्स्य पालन विभाग के अधिकारियों की एक बैठक भी ली है और उन्हें निगरानी बढ़ाने के आदेश दिए हैं। वहीं, बरवाला क्षेत्र में रहस्यमय तरीके से मर रहीं मुर्गियों की वजह से इलाके में एवियन फ्लू का भय है।

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- फोटो : अमर उजाला
2014 में फैला बर्ड फ्लू... सुखना की बत्तखों को मारा था 
गौरतलब है कि शहर में वर्ष 2014 में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई थी। उसके बाद नमूने पहले जालंधर भेजे गए और फिर भोपाल, जिसमें बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई थी। इसके बाद प्रशासन ने सुखना झील की घेराबंदी कर लोगों के प्रवेश, बोटिंग और पर्यटन गतिविधियों पर रोक लगा दी थी। एहतियात के तौर पर लेक के सभी बतखों को मार दिया था।
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- फोटो : अमर उजाला
30 सितंबर को ही भारत हुआ था ‘बर्ड फ्लू’ मुक्त 
बर्ड फ्लू को लेकर केंद्र सरकार ने भी चंडीगढ़ समेत अन्य राज्यों व केंद्र शासितों प्रदेशों के लिए कुछ दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मत्स्य, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय ने पक्षियों की असामान्य मौत पर नजर रखने को कहा है। मंत्रालय ने कहा कि राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशुरोग संस्थान से नमूनों के संक्रमित होने की पुष्टि के बाद चार राज्यों में 12 स्थानों पर एवियन इन्फ्लुएंजा के मामले सामने आए हैं। 
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मौके पर पहुंचे वन विभाग के अधिकारी। - फोटो : अमर उजाला
मंत्रालय की तरफ से कुक्कुट, बत्तखों, कौओं एवं प्रवासी पक्षियों में बीमारी के और प्रसार को रोकने के लिए परामर्श जारी किया गया है। बर्ड फ्लू के नए मामले इसलिए भी चिंताजनक हैं क्योंकि अभी कुछ महीने पहले 30 सितंबर 2020 को भारत ने खुद को इस बीमारी से मुक्त घोषित किया था। भारत में बर्ड फ्लू का पहला मामला 2006 में सामने आया था। 
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