पठानकोट एयरबेस पर तीन साल पहले हुए आतंकी हमले के मामले में फ्लाइट लेफ्टिनेंट वीके सिंह ने अदालत में बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा किया है। एनआईए के दूसरे गवाह थे, जानिए क्या बोले?
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पठानकोट आतंकी हमला
- फोटो : Reuters
मंगलवार को मामले की सुनवाई नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) की स्पेशल अदालत में हुई। इस दौरान एनआईए के दूसरे गवाह फ्लाइट लेफ्टिनेंट वीके सिंह अदालत में पेश हुए। उन्होंने हमले की सारी कहानी अदालत को बताई। इससे पहले हमले में आतंकियों द्वारा प्रयोग किए गए हथियार अदालत में पेश किए जा चुके हैं।
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पठानकोट आतंकी हमला
- फोटो : फाइल फोटो
वीके सिंह ने बताया कि 2 जनवरी 2016 की रात को वह एयरफोर्स बेस पर मौजूद थे। इसी बीच जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों ने हमला कर दिया था। उन्होंने तीन से चार एयरफोर्स मुलाजिमों को मार दिया था। आतंकी पूरी प्लानिंग के साथ आए थे। वीके सिंह ने बताया कि वह उस टीम का भी हिस्सा रहे हैं, जिसने आतंकियों से गोला बारूद बरामद किया था। मामले में इससे पहले वारंट अफसर एमएम रावत ने गवाही दी थी।
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पठानकोट आतंकी हमला
- फोटो : amar ujala
पठानकोट एयरबेस पर हमला करने वाले आतंकी दिसंबर 2015 में पाकिस्तान से भारत की सीमा में घुसे थे। 2 जनवरी 2016 की सुबह साढ़े तीन बजे आतंकी असलहा और हथियारों से लैस होकर एयरबेस स्टेशन में दाखिल हुए। इस दौरान मुठभेड़ में दो जवान शहीद हो गए, जबकि तीन घायल सिपाहियों ने अस्पताल में दम तोड़ा था। हमला करने आए सभी आतंकी मारे गए थे।
इस मामले की जांच कर रही सरकारी एजेंसी एनआईए को कई प्रमाण ऐसे मिले थे, जिनसे यह बात साफ हो गई थी कि हमला करने वाले आतंकी पाकिस्तान के थे। वहीं, हमले के समय भी वह पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं व परिवार के संपर्क में थे। हमले के मास्टर माइंड जैश-ए-मोहम्मद के मौलाना मसूद अजहर समेत चार आतंकियों को अदालत ने 2017 में भगोड़ा घोषित किया था। इसमें मौलाना का भाई मुफ्ती अब्दुल राउफ, शाहिद लतीफ व कासिफ जान शामिल हैं।