देश में सरेआम सड़कों पर ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ती हैं और वो भी बड़े मजे के साथ। यकीं नहीं आता तो ये तस्वीरें देखिए, शायद आप भी ऐसा करते हों।
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ट्रैफिक नियम
ये नजारे चंडीगढ़ की सड़कों के हैं। बिना हेलमेट ट्रिपलिंग करते बाइक सवार, ओवरस्पीड में सड़कों पर फर्राटा भरतीं गाड़ियां, ट्रैफिक लाइट्स की सरेआम उड़तीं धज्जियां। न इन्हें कोई रोकने वाला और न ही कोई टोकने वाला। रात 9 बजे के बाद शहर की सड़कों पर कुछ ऐसा ही नजारा होता है। असल में दिन में चुस्त-दुरुस्त डटी रहने वाली चंडीगढ़ की पुलिस रात में गायब रहती है।
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ट्रैफिक नियम
इसका फायदा नादान और लापरवाह वाहन चालक उठाते हैं। नतीजा सामने है। हर दूसरे दिन एक्सीडेंट होते हैं। शनिवार को ऐसे ही एक एक्सीडेंट में एक युवक की मौत हो गई। रविवार रात अमर उजाला ने चंडीगढ़ की सड़कों पर बेलगाम ट्रैफिक की पड़ताल की। यह देखने की कोशिश कि आखिर रात के वक्त चंडीगढ़ की सड़कों पर निकलना कितना खतरनाक है।
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ट्रैफिक नियम
रात को खूब होते हैं हादसे
साल 2015 में कुल 113 लोगों की सड़क हादसों में मौत हुई थी। इसमें 86 दिन में और 26 मौते रात 9 से 6 के बीच में हुई है। यह 26 हादसे इतने भयानक थे है कि घायलों की मौके या अस्पताल में भर्ती होते ही मौत हुई है। इसी तरह साल 2016 में कुल 151 लोगों ने सड़क हादसों में जान गंवाईं, जिसमें 121 दिन और 30 की मौत रात के हादसों में हुई। इसी तरह साल 2017 के 56 जानलेवा हादसों में रात के अंधेरे ने 19 लोगों की जान ली।
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अमर उजाला टीम रविवार रात 10.05 किसान भवन चौक पहुंची तो 2 बाइक सवार 5 युवक बिना हेलमेट ... ये दोस्ती हम नहीं तोंडे़ंगे गाते हुए निकल रहे थे। टीम रात 10.30 बजे 8-9 लाइट प्वाइंट पर पहुंची तो वहां रेड लाइट जंप, रॉग साइड ड्राइविंग करते हुए लोग कैमरे में कैद हुए। इसके बाद रात 10.50 बजे टीम 18-19लाइट प्वाइंट पर पहुंची तो बाइक सवार युवक जमकर हुड़दंग मचाते निकल रहे थे।
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फिर टीम सेक्टर-19-19 चौक की तरफ से सेक्टर-17-22 की चौक पर निकली। इस बीच वीवीआई व व्यस्त सड़क पर घने अंधेरे के बीच गाड़ियां तेजी से निकल रही थीं। पूरी रिपोर्ट के दौरान हैरानी की बात सामने आई कि सुरक्षा व्यवस्था का बढ़-बढ़ कर दावा करने वाली चंडीगढ़ पुलिस किसान भवन चौक के अलावा किसी भी लाइट प्वाइंट्स या उसके बीच सड़क पर मौजूद नहीं दिखी।
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traffic police
ट्रैफिक लाइट मैनुअल, सड़कों पर बेरोक-टोक ड्राइविंग
रात 10 बजे के बाद सड़क की सड़कों पर वाहनों चालकों को रोकने-टोकने वाले नदारद हो जाते हैं। इसके अलावा कहीं 10 तो कहीं 12 बजे के बाद ट्रैफिक लाइटें भी मैनुअल कर दी जाती हैं। अंदाजा लगाया जा सकता है कि शहर की चौड़ी सड़कों पर हाई वोल्यूम साउंड के बीच कई हुड़दंगी और लापरवाह वाहन चालक किसी की भी जान ले सकते हैं।
रात को शहर में पीसीआर और लिमा गाड़ियों सहित थाना पुलिस पेट्रोलिंग करती है। शिकायतें आने के बाद पुलिस तुरंत कार्र्रवाई भी करती है। इसके अलावा ट्रैफिक नियमों का पालन करना हर व्यक्ति की जिम्मेवारी होती है। आपकी सतर्कता ही आपका पहला बचाव है बाकी पुलिस लोगों की मदद और बचाव में तैयार रहती है।
- रवि कुमार, एसएसपी ट्रैफिक