पंजाब यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट सेंटर में अचानक युवतियों ने युवकों संग अजीब हरकतें करनी शुरू कर दीं। ये देख आसपास के रूटूडेंट्स चौंक गए। देखिए, क्या था माजरा?
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कैंपस में अचानक अजीब हरकतें करने लगी युवतियां, आखिर क्यों?
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दरअसल, ये फ्लैश मॉब डांस था जो कि रोटरेक्ट हिमालयन ने करवाया था। यह साल्सा स्लेम था जो 19 से 21 फरवरी तक होने वाले चेरिटी शो 'फ्रीज प्लस' के प्रमोशन के लिए किया गया था।
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कैंपस में अचानक अजीब हरकतें करने लगी युवतियां, आखिर क्यों?
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फ्लैश मॉब डांस का मतलब ऐसे अनोखे काम से होता है, जो अचानक एक ग्रुप कहीं जमा होकर करना शुरू कर देता है। दरअसल, फ्लैश मॉब के पीछे कोई मकसद होता है, जिसे हाइलाइट करने के लिए इसे किया जाता है।
कैंपस में अचानक अजीब हरकतें करने लगी युवतियां, आखिर क्यों?
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Flash mob का सबसे पहले इस्तेमाल 2003 में हार्पर मैगजीन के सीनियर एडिटर बिल वासिक ने किया था। इसका उपयोग राजनीतिक या पब्लिक रिलेशंस के लिए किए जाने वाले कामों के संदर्भ में नहीं किया जाता। सवा सौ लोगों ने इसमें हिस्सा लिया, जिन्होंने पंद्रह सेकेंड तक एक लय में तालियां बजाईं।
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अमरीका के ठीक दो महीने बाद इंडिया में पहली बार मुंबई में ही 4 अक्टूबर 2003 को flash mob देखने में आया। लगभग 60 लोग हाजी अली स्थित क्रास रोड मॉल पहुंचे और अजीबो-गरीब हरकतें करने लगे। फिर थोड़ी देर बाद वहां से चले गए।