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पार्टी की खुशियां मातम में बदलीं, जिंदा जले पांच दोस्त, परिवारों के सामने 'रोटी का संकट'

Tue, 17 Nov 2020 08:52 PM IST
ajay kumar रोहित शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, मोगा (पंजाब)
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पांच दोस्त जिंदा जले। - फोटो : अमर उजाला
पंजाब के संगरूर में एक दर्दनाक हादसे में पांच दोस्तों की जान चली गई। सभी लोग मोगा जिले के रहने वाले थे। पांच लोगों की मौत जब घरवालों को मिली तो कोहराम मच गया। एक ही शाम पांच दोस्तों की चिता जली तो माहौल गमगीन हो गया। पांचों दोस्तों का मंगलवार की शाम अपने-अपने गांवों में अंतिम संस्कार किया गया।
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Punjab - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पांचों दोस्त संगरूर के दिड़बा निवासी अपने डॉक्टर दोस्त लखविंदर सिंह की शादी की सालगिरह की पार्टी में शामिल होने सोमवार की शाम करीब चार बजे मोगा से कार में निकले थे। सालगिरह की पार्टी के अलावा उनकी दिड़बा में बिजनेस मीटिंग भी थी। पार्टी में शामिल के बाद पांचों दोस्त एक कार में दिड़बा से लौट रहे थे। ओवरटेक करते समय उनकी कार कैंटर की डीजल टंकी से टकरा गई, जिसके चलते कैंटर का तेल लीक होने से कार में आग लग गई।
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- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सेंट्रल लॉक की वजह से पांचों दोस्त कार से बाहर नहीं निकल पाए और जिंदा जल गए। मोगा की ग्रीन फील्ड कालोनी निवासी कैप्टन सुखविंदर सिंह गिल (62) 30 नवंबर 2004 को सेना के ऑर्नरी कैप्टन के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। बेटी तरनप्रीत स्टडी वीजा पर कनाडा गई है। 12वीं पास बेटा मनप्रीत सिंह पिता की हादसे में मौत के बाद संगरूर गया है। सेना से रिटायर होने के बाद सुखविंदर सिंह बीमा कंपनी के लिए काम करते थे। इसके अलावा वह रेनाड्स कंपनी के प्रोडक्ट बेचते थे। 

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- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
साल 2014 से वह आम आदमी पार्टी के साथ जुड़े। उन्होंने एक्स सर्विसमैन के जिला प्रधान के तौर पर आम आदमी पार्टी में काम किया। उनकी अचानक मौत की खबर सुनकर पत्नी गुरदेव कौर की हालत बिगड़ गई। आम आदमी पार्टी के कई नेता अपने साथी को अंतिम विदाई देने पहुंचे। नानक नगरी निवासी कुलतार सिंह (42) आठ साल के बेटे के पिता थे। अमनप्रीत कौर से 10 साल पहले उनकी शादी हुई थी।
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- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
वह मोगा-फिरोजपुर रोड पर एक निजी अस्पताल में बतौर पीआरओ के तौर पर काम करते थे। अवतार सिंह की सोमवार देर रात मौत की खबर सुनकर पत्नी अमनप्रीत की हालत बिगड़ गई। वह बार-बार अपने पति को याद कर रही हैं। गांव जनेर निवासी चमकौर सिंह (50) बिजली विभाग में कैशियर के तौर पर कस्बा कोटइसे खां में कार्यरत थे। वह दो बेटियों और एक बेटे की पिता थे। सरबजीत कौर के साथ 17 साल पहले उनकी शादी हुई थी।
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- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हादसे में चमकौर सिंह की मौत की सूचना मिलते ही परिवार पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा। गांव धल्लेके निवासी बलविंदर सिंह (42) रेनाड्स कंपनी के प्रोडक्ट बेचते थे। वह पत्नी अमनदीप कौर के अलावा एक लड़का मनिंदर सिंह (10), लड़की मनवीर कौर (13), अनमोल वीर (9) को छोड़ गए। परिवार ने बताया कि बलविंदर सिंह कंपनी की बैठक के सिलसिले में दिड़बा गए थे। उनके घर की आर्थिक हालत ठीक नहीं है। खंडहर नुमा कच्चे मकान में परिवार जीवन बसर कर रहा है।
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- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बलविंदर सिंह की मौत के बाद उनकी पत्नी पर तीन बच्चों के पालन-पोषण का बोझ आ गया है। गांव रामूवाला नवां निवासी सुरिंदर सिंह बिट्टू (45) पांच बच्चों के पिता थे। उनकी मौत की खबर सुनकर परिवार के होश उड़ गए। मंगलवार की शाम को शव पहुंचा तो पूरा गांव मृतक के घर एकत्र हो गया। इसके बाद श्मशान घाट में अंतिम संस्कार किया गया। उनकी पत्नी अमरजीत कौर ने बताया कि कुछ समय पहले ही एक बेटी की शादी की थी। पूरे परिवार का बोझ पति के सिर पर था। 
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