'मनोहर' सरकार के पिटारे से हरियाणा की जनता के लिए खास क्या-क्या निकला है, .यहां देखिए...
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Haryana Budget 2017
- फोटो : अमर उजाला
हरियाणा की जनता के लिए वित्त मंत्री के पिटारे से कुछ खास नहीं निकला है। नए टैक्स न लगाने का दावा करते हुए सरकार ने अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने का प्रयास किया है। सूबे में पहली बार सत्ता में आई भाजपा ने अपना तीसरा बजट पेश किया है। बजट में कोई नया कर नहीं लगा तो बड़ी राहत भी नहीं मिली है। प्रदेश के स्वर्ण जयंती वर्ष में राज्य का बजट भले ही एक लाख करोड़ से पार हो गया है, लेकिन सरकार घाटे को भी कम नहीं कर पाई है। हरियाणा सरकार ने सोमवार को 11124.96 करोड़ रुपये के घाटे वाला बजट पेश किया। सरकार ने कुल बजट का 20 फीसदी से अधिक हिस्सा दलितों के लिए कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने को रखा है। इसके अलावा नई योजनाओं में सर छोटू राम और डॉ. मंगलसेन के नाम पर दो योजनाएं हैं।
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वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने सदन में कुल 102329.35 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। बजट में पिछले वर्ष के मुकाबले करीब 13 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। बजट में दर्शाए गए 11 हजार 124 करोड़ के घाटे के लिए उदय योजना को जिम्मेदार ठहराया गया है। अगर इस योजना की धनराशि को बाहर कर दिया जाए तो हरियाणा में इस बार का घाटा 5815.77 करोड़ का होगा।
बजट को जरिया बनाकर सरकार ने आगामी एक साल की योजनाओं को प्रदेश के लोगों के सामने पेश किया है। बजट में सरकार ने वर्तमान कर दरों में किसी तरह की वृद्धि नहीं की है। इसके अलावा बायो डीजल और सौर ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना में इस्तेमाल होने वाले सोलर उपकरणों एवं कलपुर्जों को वैट से छूट देकर कर मुक्त करने का निर्णय लिया गया है। सरकार ने इस बजट में दीनबंधु सर छोटूराम और पूर्व उपमुख्यमंत्री स्वर्गीय डॉ. मंगलसेन के नाम से ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के विकास के लिए नई योजनाएं शुरू करने का एलान किया है।
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इसके अलावा अनुसूचित जातियों के कल्याण के लिए विशेष रूप से 7230 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा है। सरकार को वित्त वर्ष 2017-18 की प्रथम तिमाही में वैट से 8500 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होने और दूसरी से चौथी तिमाही में जीएसटी के माध्यम से 22 हजार करोड़ का राजस्व मिलने का अनुमान है। कैशलैस लेन-देन को बढ़ावा देने की शुरुआत सरकार की ओर से खुद से ही की जा रही है, जिसके चलते अब पांच हजार रुपये से अधिक का लेन-देन डिजिटल से किया जाएगा। इसके अलावा सरकार की सेवारत और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए कर्मचारियों व पेंशन भोगियों के लिए कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना शुरू करने की योजना है।
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हरियाणा सरकार के बजट में पहली बार रेल परियोजनाओं का जिक्र आया है। रेल इंफ्रास्ट्रक्चर और रेलवे स्टेशनों की देखरेख की जिम्मेदारी सौंपने के लिए एक संयुक्त उद्यम कंपनी की स्थापना के लिए केंद्र के साथ समझौता किया गया है। अब रेलवे की संपत्तियों पर केंद्र और राज्य सरकार, दोनों की भागीदारी होगी। इसके लिए बजट में भी प्रावधान किया गया है।
वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने हरियाणा का बजट पेश करने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में यह बातें कहीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में रेल नेटवर्क के विस्तार के लिए पिछले दो वर्षों में कई कदम उठाए गए हैं। संयुक्त उद्यम कंपनी की स्थापना से रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण के साथ-साथ रेलवे स्टेशनों की भी जिम्मेदारी उन्हें सौंपी जाएगी। कंपनी के अस्तित्व में आने से जहां परियोजनाओं को जल्द अमलीजामा पहनाया जा सकेगा, तो दूसरी तरफ हरियाणा में भी रेल नेटवर्क का विस्तार होगा और बेहतर कनेक्टिविटी होगी।
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हरियाणा में यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मुहैया करने के लिहाज से रोडवेज के बेड़े में 800 नई बसें शामिल की जाएंगी। बजट में बसों की संख्या बढ़ाकर 5000 करने का प्रस्ताव है। वहीं स्टेट कैरिज स्कीम 2017 के तहत निजी ऑपरेटरों की बसों की संख्या में भी और बढ़ोतरी होगी।
सोमवार को बजट पेश करते हुए हरियाणा के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि लोगों को सुरक्षित सफर का मौका देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। स्वर्ण जयंती वर्ष के दौरान हरियाणा राज्य परिवहन की सभी बसों में जीपीएस आधारित वाहन ट्रैकिंग सिस्टम की शुरुआत की जाएगी। परिवहन विभाग के लिए 2459.70 करोड़ रुपये का परिव्यय प्रस्तावित किया गया है, जो पिछले संशोधित अनुमान से 7.35 फीसदी अधिक है।
बिजली कंपनियों को घाटे से उबारने के लिए हरियाणा सरकार ने कमर कस ली है। डिस्कॉम पर 35000 करोड़ रुपये के कर्ज में से 25950 करोड़ सरकार ने अपने ऊपर ले लिया है। स्वैच्छिक घोषणा योजना और सरचार्ज माफी स्कीम-2016 के तहत एक लाख से अधिक उपभोक्ताओं ने करीब 400 करोड़ की अदायगी की है। गांवों के लिए चलाई जा रही म्हारा गांव, जगमग गांव स्कीम के तहत जहां बिजली की आपूर्ति 24 घंटे तक होगी, वहीं बकाया भी कम होगा।