भारत और पाकिस्तान की सीमा से सटे इलाके में बंबूकाट की शूटिंग हुई थी, अब इसके बारे में एक नई बात सामने आई है।
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फिल्म ‘बंबूकाट’ ने भारत-पाकिस्तान सरहद से कुछ पहले बसे सीमांत गांव हजारा सिंह वाले के जमींदार प्रेम सिंह की किस्मत बदल दी है। फिल्म के लिए तैयार सेट उनकी आय का साधन बनने के साथ ही उन्हें एक नई पहचान दे रहा है।
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प्रेम बताते है कि उनका घर गांव में सबसे आखिर में है। बंबूकाट फिल्म के निर्देशक और अन्य लोगों ने उनके घर की लोकेशन देखने के बाद कहा कि वह यहां पर फिल्म की शूटिंग करना चाहते हैं, शूटिंग के लिए सेट तैयार करना होगा। यह सेट 70-80 साल पहले वाली हवेली की शक्ल में होगा।
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इसके बाद कई दिनों की दिन-रात की मेहनत के बाद उनका घर एकदम नए अंदाज में तैयार कर दिया। इसे अब लोग शूटिंग वाली हवेली के नाम से जानते है। उनके इस घर में तीन से साढ़े तीन महीने तक दिन-रात शूटिंग हुई।
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शूटिंग में उनके किसी परिवार के सदस्य को कोई रोल नहीं मिला और न ही गांव के किसी व्यक्ति को। शूटिंग खत्म होने के बाद वह लोग उसी तरह सेट को छोड़कर चले गए। प्रेम सिंह ने बताया कि जब फिल्म की शूटिंग होती थी तो उनके परिवार के सभी लोग घर के दूसरी तरफ चले जाते थे। फिल्म की शूटिंग खत्म होने के बाद कोई और फिल्म बनाने के लिए तो नहीं आया लेकिन फिल्म रिलीज होने के बाद चंडीगढ़ तक के लोग यहां अपने शादी-विवाह के एलबम के लिए फोटो और सीडी बनाने के लिए आते हैं।
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वे किसी से कुछ नहीं चाहते लेकिन लोग स्वेच्छा से ही उन्हें ढाई से पांच हजार रुपये तक दे देते हैं। उन्होंने बताया कि वह और उनके परिवार के सभी सदस्य फिल्म की शूटिंग खत्म होने से लेकर अब तक पूरी तरह से बने मिट्टी के इस घर को उसी शक्ल में बनाए रखे हुए है। प्रेम ने बताया कि उनके पास सात एकड़ जमीन है। तीन बेटे हैं। तीनों की शादी हो चुकी है।
इसी हवेली के अंदर तीनों बेटों का परिवार रहता है। ये हवेली पूरे गांव में अलग से लगती है। इसलिए इसे लोग फिल्म का सेट कहते हैं। बार्डर में ये हवेली अपनी छाप बनाए हुए हैं। गांव या शहर में जिस भी लड़की या लड़के की शादी होती है उनका कैमरा मैन उन्हें यहां लाकर फोटो खींचते हैं और प्रेम सिंह को इसके लिए पैसे भी मिलते हैं।