आजकल ज्यादातर अभिभावक अपने बच्चों से इस बात से परेशान हैं कि वो उन्हें टाइम नहीं देते। लेकिन प्रतिष्ठित आईआईटी-जेई परीक्षा में पांचवा रैंक लेकर टॉपर सूरज की सफलता कुछ और ही कहानी बयां करती है।
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suraj yadav
जेईई एडवांस में 5वीं रैंक पाने वाले सूरज ने अपनी पढ़ाई को लेकर काफी संजीदा रहे, लेकिन वो पढ़ाई के साथ परिवार के लिए भी पूरा वक्त देते रहे। सोशल मीडिया और टीवी की दूनिया से दूर सूरज अपना खाली वक्त अपने माता- पिता के साथ ही गुजारता रहा।
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suraj yadav
सूरज का पढ़ाई के अलावा कोई गेम या फिल्म देखने का शौक नहीं है इसलिए जब पढ़ाई कर थक जाता तो मम्मी पापा के साथ शरारत शुरू कर देता। उसी से दिमाग फ्रेश कर लेता। सूरज के मुताबिक कोचिंग की बजाय अगर आप सेल्फ स्टडी करें तो ज्यादा बेहतर है। कोचिंग करने पर सेल्फ स्टडी के लिए समय नहीं मिल पाता। कोचिंग नहीं की बल्कि स्कूल में जो कक्षाएं चलती थी वहीं पढ़ाई की।
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suraj yadav
सोशल मीडिया को कभी अपनी कमजोरी नहीं बनाया बल्कि हमेशा उससे दूरी बनाए रखी। व्हाट्सएप का इस्तेमाल भी सिर्फ नोट्स आदि के लिए करता था। सूरज ने अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता राजकुमार, मां सुनीता देवी और अध्यापकों को दिया। सरकारी स्कूल में अध्यापक पिता राजकुमार ने बताया कि सूरज बचपन से बहुत जिद्दी रहा है। एक बार जो जिद्द वह कर लेता उसको पूरा ही करके रहता है।
आईआईटी टॉप-10 में आने के लिए उसने जिद्द की हुई थी और यह उसने अपनी जिद्द पूरी की। यह पूछने पर कि रोज कितनी देर पढ़ाई की, इस पर सूरज ने बताया कि मेंस का रिजल्ट आने के बाद एक महीने के दौरान अपना पढ़ाई का समय बढ़ाकर 12 घंटे कर दिया था।