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पंजाब में कांग्रेसी आमने-सामने, घमासान की तस्वीरें

Wed, 29 Oct 2014 09:29 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना
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वर्ष 2017 के विधानसभा चुनावों के मद्देनजर कांग्रेस में जान देने और एकजुटता का पाठ पढ़ाने आए प्रदेश कांग्रेस के प्रधान प्रताप सिंह बाजवा के खिलाफ लुधियाना में गो-बैक के नारे लगे। उनको काले झंडे दिखाए गए। कार्यकर्ताओं ने बाजवा हटाओ-कांग्रेस बचाओ के स्लोगनों से माहौल गर्मा दिया। इस दौरान कांग्रेस के दो गुटों में हल्की झड़प हुई।
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पुलिस के बीच बचाव करने पर मामला शांत हुआ। वहीं विरोध से तिलमिलाए बाजवा ने मीडिया से भी रूखा व्यवहार किया। पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व सचिव अक्षय भनोट के नेतृत्व में कांग्रेसी वर्करों ने बुधवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रताप सिंह बाजवा के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया। उनको वापस जाने को कहा और पार्टी हाईकमान को पंजाब में पार्टी को बचाने के लिए बाजवा को हटाने की अपील की।
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प्रदर्शनकारी फिरोजगांधी मार्केट में होटल के बाहर बाजवा का इंतजार कर रहे थे। होटल में बाजवा और पार्टी कार्यकर्ताओं की लंच बैठक थी। बाजवा के आते ही प्रदर्शनकारी वर्करों ने उनकी कार रोक उनके खिलाफ लुधियाना छोड़ने के नारे लगाने लगे। बाजवा के कुछ समर्थकों ने कांग्रेसी वर्करों को डराने व धमकाने की कोशिश की। एक पार्टी वर्कर के साथ मारपीट भी की गई, अपशब्द बोले गए और आपस में जमकर विवाद भी हुआ।

पंजाब में कांग्रेसी आमने-सामने, घमासान की तस्वीरें

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पुलिस ने मौके पर पहुंच कर मामला शांत किया। भनोट ने कहा कि उनकी बाजवा के साथ कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है, लेकिन वे चाहते हैं कि बाजवा इस्तीफा दें, जो पार्टी का नेतृत्व करने व सबको साथ लेकर चलने के लायक नहीं हैं। इस वजह से उन्हें सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करने व उनका इस्तीफा मांगने को मजबूर करना पड़ा है। उनको बदलना ही राज्य में पार्टी के हित में है।
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लुधियाना का दौरा कर रहे बाजवा को रोजाना विरोध-प्रदर्शनों का सामना करना पड़ रहा है। पहले दिन की शुरुआत उनको हटाने के लिए हस्ताक्षर मुहिम से हुई, जो रोष अगले दिन प्रदर्शनों व उनके पुतले फूंकते हुए आगे बढ़ा। इसके बाद मीडिया कर्मी उनका पक्ष जानने के लिए होटल के सभागार में पहुंचे तो विरोध के बाद तिलमिलाए बाजवा ने साफ कह दिया यू ऑर नॉट इनवाइटेड और बात करने से इंकार कर दिया।
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