फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

घर में कोहराम: सांप के डसने से बेटे की मौत, श्मशान घाट में अस्थियां चुन रहे पिता की भी गई जान, ग्रामीणों ने बताई ये वजह

Tue, 12 Jul 2022 01:05 AM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, बठिंडा (पंजाब)
विज्ञापन
1 of 5
मृतक पिता-पुत्र की फाइल फोटो (सांप की प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सर्पदंश से बेटे की मौत के बाद पिता की भी जान चली गई। बेटे का नाम वरिंदर सिंह था। वह 20 साल का था। उसकी मौत के अगले दिन जब पिता जगपाल सिंह अपने रिश्तेदारों के साथ बेटे की अस्थियां चुन रहे थे तो हार्ट अटैक से उनकी भी मौत हो गई। मामला पंजाब के बठिंडा जिले के गांव बुर्ज गिल्ल का है। ग्रामीणों को कहना है कि वह बेटे की मौत का सदमा सह नहीं सके। दो दिन में पिता-पुत्र की मौत से घर में कोहराम मचा है। मृतक युवक की माता अमरजीत कौर ने आरोप लगाया कि सिविल अस्पताल रामपुरा के डॉक्टरों ने बेटे का तुरंत इलाज नहीं किया। जिसके चलते उसके बेटे की मौत हुई। मामला आठ जुलाई का बताया जा रहा है।
विज्ञापन

2 of 5
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
जानकारी के अनुसार गांव बुर्ज गिल्ल का युवक वरिंदर सिंह आठ जुलाई को जब खेत से काम कर पैदल घर लौट रहा था तभी रास्ते में सांप ने उसे डस लिया। परिजनों ने उसे तुरंत सिविल अस्पताल रामपुरा में दाखिल करवाया। जहां पर डॉक्टरों ने उसका प्राथमिक उपचार किया और निजी अस्पताल रेफर कर दिया। मगर नौ मई को युवक ने निजी अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। इसके बाद उसका अंतिम संस्कार गांव के श्मशान घाट में किया गया। 
विज्ञापन

3 of 5
मृतक पिता की फाइल फोटो। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
10 जुलाई को जब मृतक वरिंदर सिंह का पिता जगपाल सिंह अपने रिश्तेदारों और ग्रामीणों के साथ बेटे की अस्थियां चुन रहा था तो अचानक उसे हार्ट अटैक पड़ा। उसे भी तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक युवक की मां अमरजीत कौर ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने अपने बेटे वरिंदर सिंह को सिविल अस्पताल में दाखिल करवाया तो वहां के डॉक्टरों ने उपचार सही ढंग से नहीं किया। बेटे को सही उपचार मिलने में देरी हुई।

4 of 5
सांकेतिक तस्वीर
सिविल अस्पताल रामपुरा की एसएमओ अंजू कांसल का कहना है कि उक्त आरोप गलत हैं। जैसे ही लड़के को दाखिल करवाया गया वैसे ही इलाज शुरू कर दिया गया था। जहां तक कि उसे एंटी वैनम नामक दवा भी दी गई थी लेकिन युवक का परिवार उसे किसी निजी अस्पताल में ले गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
मृतक बेटे की फाइल फोटो। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एक ही जगह हुआ अंतिम संस्कार
गांव बुर्ज गिल्ल के जिस शमशान घाट में नौ जुलाई को वरिंदर सिंह का अंतिम संस्कार हुआ था, उसी जगह 10 जुलाई को जगपाल सिंह का संस्कार किया गया। मृतक जगपाल सिंह अपने पीछे पत्नी, बेटी और एक बेटा छोड गया है। गांववालों ने बताया कि वरिंदर सिंह की मौत के बाद पिता जगपाल सिंह काफी परेशान थे। रविवार को जब वो श्मशान घाट में अपने बेटे की अस्थियां चुन रहे थे तो उस समय अचानक उन्हें अटैक पड़ा। इसके पीछे मुख्य कारण बेटे की मौत का दुख सह न पाना बताया जा रहा है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें