साधारण किसान परिवार में जन्मी विकास राणा के हौसले के आगे विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट भी छोटी पड़ गई है। विकास के परिवार की कमजोर आर्थिक हालात भी माउंट एवरेस्ट को फतेह करने में बाधक नहीं बनी। विकास राणा के हौसले को देखते हुए परिवार व समाज ने आर्थिक बाधा को खुद हटाने का काम किया। एवरेस्ट फतेह करने में 30 लाख रुपये के खर्च को वहन करने की क्षमता परिवार में नहीं थी।विकास जींद जिले के सुदकैन खुर्द गांव की रहने वाली हैं।