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Farmer Protest: आंसू गैस के गोले बरसाए, लाठीचार्ज किया; किसानों के सामने पुलिस ने खड़ी की JCB और पोकलेन मशीनें

Thu, 22 Feb 2024 12:45 PM IST
शाहरुख खान अंशु शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
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Farmer Protest - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
किसानों के दिल्ली कूच का एलान दिनभर टकराव के बावजूद भले ही सिरे न चढ़ा हो, लेकिन किसानों की तैयारी से पुलिस ने सबक जरूर लिया। पुलिस को जैसे ही किसानों के पोकलेन और जेसीबी से लैस होकर आने की सूचना मिली तो उन्होंने भी बॉर्डर पर किसानों के सामने पोकलेन और जेसीबी खड़ी कर दी।

पुलिस के प्रहारों का तोड़ और खुद के बचाव के लिए किसानों के जुगाड़ देख हर कोई हैरान था। लोहे की चादर लेकर तो कोई तस्ले पर कुंडा लगाकर उसे अपनी ढाल बनाकर चलता नजर आया, जिससे कि रबड़ की गोलियों और आंसू गैस के गोलों का कुछ असर न पड़ सके। इसी तरह से कुछ किसान अपनी ट्रॉली का हिस्सा शॉकर से ऊपर उठाकर अपना बचाव करते हुए नजर आए।
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Farmer Protest - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस के फेंके आंसू गैस के गोलों के धमाके का जवाब देने और ड्रोन को हमले के लिए मल्टी शॉट पटाखे इस्तेमाल करते दिखे। बुधवार सुबह तो किसान दिल्ली कूच की तैयारियों के चलते मिट्टी के सेकड़ों कट्टों को बॉर्डर पर जमा करने के साथ-साथ अन्य तैयारी करते दिखे और कोई टकराव नहीं था।



 
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Farmer Protest - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ठीक 11 बजते ही जैसे ही युवाओं ने बॉर्डर के करीब आने का प्रयास किया तो पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। हालांकि पुलिस का कहना था कि उन पर पथराव हुआ था तो उसका जवाब था। उसके बाद ड्रोन से भी हमले कर भीड़ को खदेड़ना शुरू कर दिया था। 

 

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Farmer Protest - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दूसरी बार में जैसे ही किसानों ने पंतगों का जाल बिछाया तो पुलिस ड्रोन को गुपचुप तरीके से पेड़ों की आड़ में लाकर हमले करने लगी। कुछ हमलों के बाद पुलिस ने ड्रोन पतंगों के बीच से निकालते हुए पंजाब की सीमा में एक के बाद एक गोले दागे ताकि किसानों की भीड़ को खदेड़ा जा सके।
 
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Farmer Protest - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आपको बता दें कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर कानूनी गारंटी की मांग को लेकर आठ दिनों से शंभू और खनौरी-दातासिंह वाला बॉर्डर डटे किसानों ने बुधवार सुबह दिल्ली कूच का प्रयास किया। जवाब में हरियाणा पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने आंसू गैस के गोले बरसाए और रबड़ की गोलियां भी चलाईं। इस दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया। दो किसान गोली लगने से जख्मी हो गए, जिनमें से बठिंडा के गांव बल्लोंके के युवा शुभकरण (23) की मौत हो गई, जबकि दूसरे किसान संगरूर के नवांगांव के प्रीत पाल सिंह को भी गंभीर चोट आई है। उसे रोहतक पीजीआई में भर्ती किया गया है। 
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Farmer Protest - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
किसानों का दावा है कि शुभकरण की मौत सिर पर रबर बुलेट लगने से हुई है। टकराव में कुल 23 किसान, जबकि 12 पुलिसकर्मी जख्मी हुए। नौ किसान शंभू बॉर्डर और 14 खनौरी बॉर्डर पर घायल हुए हैं। हरियाणा पुलिस का कहना है कि किसानों ने उन पर तलवारों और भालों से हमला किया। हरियाणा पुलिस की एआईजी मनीषा चौधरी ने कहा कि किसानों ने पराली में मिर्च डाल कर जलाई और पंखों से धुआं हमारी ओर कर दिया। इसके बाद पुलिस ने रबड़ बुलेट्स का इस्तेमाल किया। 
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Farmers Protest - फोटो : PTI
शुभकरण को राजिंदरा अस्पताल में डाॅक्टरों ने मृत घोषित किया। अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. एचएस रेखी के मुताबिक पोस्टमार्टम होने के बाद ही मौत के कारणों का पता चल पाएगा। डॉक्टरों ने सिर पर चोट की पुष्टि की है। संगरूर जिले के दो अन्य किसान सिमरन और जुगराज सिंह भी राजिंदरा अस्पताल में भर्ती हैं। अन्य किसानों को राजपुरा के सरकारी सिविल अस्पताल और पटियाला के सरकारी राजिंदरा अस्पताल में दाखिल कराया कराया गया है।

 

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Farmers Protest - फोटो : PTI
छिड़ीं मधुमक्खियां
लगातार पुलिस की तरफ से दागे जा रहे आंसू गैस के गोलों के बीच अचानक से मधुमक्खियों का झुंड आ गया। ट्रालियों और गाड़ियों की छतों पर चढ़े लोगों में भी हलचल मच गई और खुद का बचाव करते हुए नीचे झुकते और लेटते नजर आए। देखते ही देखते यह मधुमक्खियां चली गईं। हालांकि इस दौरान मधुमक्खियों से बचाव हो गया।
 

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Farmers Protest - फोटो : PTI
मेडिकल कैंप और मंच के साथ गिरे गोले
पुलिस का ड्रोन भीड़ को खदेड़ता पंजाब की सीमा तक चला गया और यह देखकर सभी दंग रह गए। इस बीच एक गोला यूनियन नेताओं की ओर से लगाए मंच के ठीक साथ गिरा और उस समय भाषण दिया जा रहा था। साथ ही सेकड़ों की संख्या में किसान मौजूद थे। इतना ही नहीं एक गोला तो मेडिकल कैंप के ठीक साथ गिरा और वहां पर जख्मी किसान उपचार के लिए आ रहे थे। देखते ही देखते वहां पर हलचल मच गई। बता दें कि पंजाब की सीमा में ड्रोन की एंट्री न होने पर किसानों ने अपनी ट्रालियां व मंच को आगे बॉर्डर की तरफ कर लिया था।

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Farmer Protest - फोटो : PTI
भाषण पर खींचातान
टकराव के बीच यूनियन नेता युवाओं को शांति रखने का संदेश दे रहे थे, इसी बीच युवाओं का एक ग्रुप व उनके समर्थक भी मंच पर आए गए। इस बीच उन्हें माइक भी दिया गया लेकिन उनकी तरफ से तैयारियां पूरी होने पर दिल्ली कूच करने की बात कहीं जा रही थी। इस भाषण से हालात बिगड़ने लगे तो यूनियन सदस्यों ने मोर्चा संभाला। इस बीच युवाओं को यूनियन नेता शांति बनाए रखने की बात कर रहे थे। यहीं कारण था कि करीब 20 मिनट तक मंच के स्पीकर बंद रहे। बाद में किसान नेता सरवन सिंह पंडेर ने मंच संभाला।

 
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Farmers Protest - फोटो : PTI
दिल्ली कूच की कॉल पर उमड़ा था सैलाब
13 फरवरी से शंभू बॉर्डर पर चल रहे आंदोलन में बुधवार को अभी तक के सबसे ज्यादा किसान पहुंचे। इनमें युवा किसान बेहद सक्रिय देखे। दिल्ली कूच को लेकर उत्साहित युवाओं व पुलिस के बीच जमकर टकराव हुआ। स्थिति यह थी कि युवा किसान बॉर्डर के दोनों पूल पर बने नाकों के अलावा नदियों के रास्तों पर भी खड़े थे। हालांकि पुलिस का दावा है कि युवा किसानों की तरफ से पत्थरबाजी करने पर उनकी तरफ से आंसू गैस के गोले दागे गए। आखिर में युवा दिल्ली कूच का फैसला टलने पर निराश होकर लौटे।
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