गेहूं की खरीद न होने से नाराज किसानों ने उग्र प्रदर्शन शुरू कर दिया। अपना आंदोलन जारी रखते हुए किसानों ने शताब्दी एक्सप्रेस को रोक दिया। 17 किसान और मजदूर जत्थेबंदियों ने अमृतसर से दिल्ली जाने वाली रेलगाड़ी गांव देवीदासपुरा तरनतारन में रोककर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
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किसानों के सब्र का बांध टूटा तो रोक दी शताब्दी, तस्वीरें
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किसानों ने मांग की है कि बिना शर्त किसानों की फसल की खरीद की जाए व 500 रुपये बोनस जारी किया जाए। किसानों की ओर से रेल गाड़ियां रोकने के कारण यात्रियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। किसानों ने अपना आंदोलन जारी रखने का एलान किया है।
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दिल्ली अमृतसर मार्ग पर कस्बा जंडियाला गुरुके निकट गांव देवीदासपुरा में सुबह 9.30 बजे किसान अचानक एकत्रित होने लगे। उन्होंने 12 बजे अमृतसर से दिल्ली लिए रवाना हुई सरयू यमुना एक्सप्रेस को रोक लिया। रेल पटरी पर किसान, मजदूरों के साथ-साथ महिलाएं भी मौजूद थीं।
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पंजाब सरकार पर सौतेला व्यवहार का आरोप लगाते हुए किसानों ने कहा कि खरीद एजेंसियों के अधिकारी गेहूं की खरीद से इंकार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जितनी देर तक गेहूं की खरीद शुरू नहीं होती उतनी देर तक रेल के चक्के जाम रहेंगे। अमृतसर के रेलवे स्टेशन पर शाम को स्थिति तनाव पूर्ण हो गई।
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रेलवे ने घोषणा की है कि शताब्दी एक्सप्रेस गाड़ी ब्यास रेलवे स्टेशन से रवाना हो गई। सभी यात्री ब्यास रेलवे स्टेशन पर पहुंचे। इस पर यात्रियों ने हंगामा कर दिया और कहा कि रेलवे प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह उन्हें ब्यास स्टेशन पर पहुंचे। हंगामे के बाद रेल विभाग की ओर से बसें किराये पर ली गई और यात्रियों को ब्यास स्टेशन पर पहुंचाया।
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किसानों का धरना खत्म न होते देख अमृतसर से चलने वाली अन्य गाड़ियों को रद कर दिया गया। इन गाड़ियों की रद्द होने की घोषणा के बाद हजारों यात्रियों ने रेलवे स्टेशन पर नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि वह सुबह से इंतजार में बैठे हुए हैं। रेलवे से रिफंड लेने वालों की भी लंबी कतारें लगी हुई थी। लोग रेल विभाग के साथ साथ आंदोलनकारी किसानों को भी कोस रहे थे।