भारतीय सेना को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है, जिसके मद्देनजर तरह-तरह की साजिशें रची जा रही हैं। कई मामले सामने हैं, इसका खुलासा खुद सैन्य अफसरों ने किया।
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भारतीय सेना
केरल में बाढ़ आपदा के दौरान जब भारतीय सेना के जवान अपनी जान की परवाह न करते हुए विशेष मिशन के तहत बाढ़ में घिरे पीड़ितों की जान बचाने में लगे हुए थे, तभी कुछ असामाजिक तत्व बहुरूपिये बनकर सेना को बदनाम करने की साजिश कर रहे थे। ये असामाजिक तत्व बाकायदा सेना की वर्दी पहनकर सोशल मीडिया पर सेना के खिलाफ दुष्प्रचार कर रहे थे। सेना की एक विशेष विंग ने सेना के खिलाफ बहुरूपियों द्वारा किए जा रहे दुष्प्रचार संबंधी वीडियो सामग्री पकड़ी है।
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Indian Army
जब इस भ्रामक सामग्री की जांच की गई, तो सेना ने इसे पूरी तरह से फर्जी बताया है। इतना ही नहीं जो असामाजिक तत्व सेना की वर्दी पहनकर ये दुष्प्रचार कर रहे थे, उन्हें भी नकली जवान करार दिया है। उसके बाद सेना ने अब इस दुष्प्रचार का काउंटर करते हुए सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार करने वाले लोगों के फोटो वायरल कर इन्हें बहुरूपिया बताया है। ये लोग केरल में सेना द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के बारे में गलत जानकारियां फैला रहे थे। सेना ने लोगों से असामाजिक तत्वों के फर्जी वीडियो की पोल खोलते हुए इस तरह केवीडियो को वायरल न करने का भी आग्रह किया है।
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पहले भी हुई सेना को बदनाम करने की कोशिश
भारतीय सेना के एक आला अधिकारी ने बताया कि सेना को बदनाम करने का ये पहला मामला नहीं है। पहले भी ऐसी साजिशें होती रही है। पाकिस्तान की ओर से भी भारतीय सेना से संबंधित फर्जी वीडियो और फर्जी सेना अफसरों के नाम से फर्जी लैटर तैयार किए जाते हैं। फिर पाक इन्हे वायरल कर सेना को देश में बदनाम करने और भारतीय जवानों को हतोत्साहित करने जैसी साजिशें रचता रहता है। लिहाजा लोगों को जागरूक और जवानों को सतर्क रहने की जरूरत है।
जवानों ने जान पर खेल बचाई जानें
केरल में आर्मी के जिस अभियान को बदनाम करने की साजिश की गई, उसी अभियान के प्रयासों का ही नतीजा है कि सेना ने बाढ़ पीड़ित हजारों लोगों की जानें बचाई। 18 अगस्त तक भारतीय सेना की 13 टीमों ने केरल के 38 रिमोट एरिया में पुल बनाकर 3627 लोगों की जान बचाई। जिसमें 22 विदेशी लोग भी थे। उधर, एयरफोर्स ने भी 21 अगस्त तक 23 विमानों और 32 हेलीकाप्टरों की 472 सॉर्टीज की मदद से 2557 लोगों को एयरलिफ्ट करवाया और 663 रेसक्यू किया। एयरफोर्स ने विमानों व हैलीकाप्टरों से 973.4 टन से अधिक रसद सामग्री भी बाढ़ में फसे लोगों तक पहुंचाई। आर्मी की इंजीनियरिंग टास्क फोर्स की 11 टुकड़ियों, 119 डाक्टरों, 62.5 टन दवाइयों और मेडिकल उपकरणों को भी दुर्गम बाढ़ ग्रस्त इलाकों तक एयरफोर्स ने पहुंचाकर बाढ़ में फंसे लोगों को राहत दी।