प्रदेश में बनी नई सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। हर साल एक लाख बेरोजगार युवाओं को टैक्सियां दी जाएंगी, पढ़िए पूरी स्कीम...
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मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह
- फोटो : File Photo
दरअसल, पंजाब में बनी नई कांग्रेस सरकार ने ट्रांसपोर्ट विभाग को पटरी पर लाने के लिए बड़े सुधार करने का फैसला किया है। इसकेलिए दो सप्ताह में नई ट्रांसपोर्ट पॉलिसी का एलान किया जाएगा। एकाधिकार को तोड़ कर सार्वजनिक ट्रांसपोर्ट प्रणाली को मुक्त करने को कदम उठाए जाएंगे।
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Captain Amarinder Singh
- फोटो : अमर उजाला
सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह की अगुवाई में हुई ट्रांसपोर्ट विभाग की बैठक के दौरान कांग्रेस के चुनावी मेनिफेस्टो पर भी चर्चा हुई। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि ट्रांसपोर्ट विभाग हर साल एक लाख बेरोजगार नौजवानों को सब्सिडी पर टैक्सियां मुहैया कराएगा। अपनी गाड़ी, अपना रोजगार स्कीम के तहत सरकार गारंटी देगी। लोन के लिए किसी और की जरूरत नहीं पड़ेगी। कर्ज का भुगतान पांच साल में करना होगा। विभाग इसकेलिए ओला, उबर आदि से समझौता करेगा।
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मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह
22 जिला ट्रांसपोर्ट दफ्तरों का पुनर्गठन
बैठक के दौरान ट्रांसपोर्ट ढांचे के कायाकल्प करने को सुझाव लिए गए। इनमें 22 जिला ट्रांसपोर्ट दफ्तरों का पुनर्गठन करने और परमिट अलॉट करने की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना शामिल है। पटियाला, जालंधर, फिरोजपुर, बठिंडा में रीजनल ट्रांसपोर्ट दफ्तरों का भी पुनर्गठन किया जाएगा। बैठक के बाद सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि मौजूदा परमिट और उसकी कानूनी स्थिरता का निरीक्षण करते हुए विभिन्न पक्षों की सलाह से ट्रांसपोर्ट पॉलिसी का ड्राफ्ट तैयार किया जाएगा। निजी ट्रांसपोर्ट से जुड़े लोगों को बराबर अवसर प्रदान किए जाएंगे ताकि नौजवानों को सुुविधा का लाभ मिल सके।
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6700 मिनी बसों केपरमिट पर प्रभाव पड़ेगा
हाईकोर्ट केआदेश के मुताबिक नई पॉलिसी 15 मई तक तैयार कर ली जाएगी, जिससे 750 प्राइवेट बस रूट परमिट, 24 किलोमीटर के1840 असल रूटों पर बढ़ोतरी और 6700 मिनी बसों केपरमिट पर प्रभाव पड़ेगा। सीएम ने ट्रांसपोर्ट अफसरों को वाहनों केरजिस्ट्रेशन और ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने में पेशेवराना तरीका अपनाने केनिर्देश दिए। उन्होंने मोटर व्हीकल अथॉरिटीज को एसडीएम के अधीन लाकर और ज्यादा जवाबदेह बनाने की हिदायत दी।
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- फोटो : File Photo
लाइसेंस के डिजिटलाइजेशन की प्रक्रिया और तेज करने और ड्राइविंग टेस्ट के लिए आउटसोर्सिंग की संभावना तलाशने को कहा। अधिकारियों ने बताया कि एनआईसी के पास वेब आधारित एप्लिकेशन सारथी तैयार है, जो जल्द काम करना शुरू कर देगा। बैठक में भाड़े और रूट को तर्कसंगत बनाने का फैसला किया गया। बैठक में सड़क सुरक्षा व सड़क ढांचे पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि ट्रांसपोर्ट क्षेत्र में 5 से 7 साल में राजस्व बढ़ोतरी दर 7 से 8 प्रतिशत रही है। 2016-17 के दौरान निजी लाइट गाड़ियों से 676 करोड़ का राजस्व एकत्र हुआ है।
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cctv
बसों में लगें सीसीटीवी कैमरे
वित्तमंत्री मनप्रीत बादल ने बैठक में सुझाव दिया कि बसों में सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। प्रमुख अंतर-शहरी सड़कों पर निजी ऑपरेटरों का एकाधिकार समाप्त करने को इन रूटों पर श्रेष्ठ बसों के इंटिग्रेटेड कोचों के फ्लीट चलाए जाएं। उन्होंने पड़ोसी राज्यों से रजिस्ट्रेशन फीस में फर्क का मुद्दा भी उठाया। मनप्रीत ने कहा कि बस मालिक दूसरे राज्यों से रजिस्ट्रेशन करवा लेते हैं। अधिकारियों ने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद दरें नीचे आ जाएंगी।
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रोडवेज बस
एक परमिट पर एक बस ही चलेगी
बैठक के बाद सचिवालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए वित्तमंत्री मनप्रीत बादल ने कहा कि अब एक परमिट पर एक ही बस चलेगी। बादल का नाम लिए बगैर उन्होंने कहा कि पहले कई ट्रांसपोर्टर एक परमिट पर दो से तीन बसें तक चलाते थे, लेकिन अब ऐसी धक्केशाही नहीं होने दी जाएगी। एकाधिकार भी खत्म किया जाएगा।
बादलों की लग्जरी बसों का बढ़ेगा टैक्स
सरकार नई ट्रांसपोर्ट पॉलिसी में लग्जरी बसों का टैक्स बढ़ाने की तैयारी कर रही है। इसका सबसे ज्यादा प्रभाव बादल पर पड़ेगा। क्योंकि पंजाब में सबसे ज्यादा लग्जरी बसें उनकी ट्रांसपोर्ट कंपनियों की ही हैं। पिछली सरकार ने टैक्स करीब 25 फीसदी घटा दिया था। दलील दी थी कि लग्जरी बसों में आवाजाही आम लोगों की पहुंच में हो, ऐसा इसलिए किया गया। नई नीति का फोकस सरकारी ट्रांसपोर्ट कंपनियों को मजबूत बनाना है, जिन्हें शिअद-भाजपा ने नजरअंदाज किया था।